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छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प, चित्रकोट-मैनपाट-सिरपुर को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

Chhattisgarh Tourism Mission के तहत चित्रकोट, मैनपाट, सिरपुर, राजिम और हसदेव बांगो का विकास होगा। 1000 करोड़ से अधिक की योजना से पर्यटन सुविधाएं और रोजगार बढ़ेंगे।

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Media Darshan संवाददाता, Media Darshan
14 अक्टूबर 2026, 09:44 AM IST (18 घंटे पहले) अपडेट: 14 अक्टूबर 2026, 10:12 PM IST
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा हुई। इसके तहत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य पर्यटन को स्थानीय रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास से जोड़ना है।

मिशन के पहले चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा मायाली-बगीचा, चंपारण, सतरेंगा, तीरथगढ़, देवरानी-जेठानी, कबीर चबूतरा, केंदई, महामाया और चिल्फी घाटी जैसे पर्यटन स्थलों पर भी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। 


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500 करोड़ की मिशन निधि, 1000 करोड़ से अधिक जुटाने की तैयारी


पर्यटन विभाग की कार्ययोजना के अनुसार पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ रुपये की मूल मिशन निधि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा पीपीपी, सीएसआर, केंद्र सरकार की योजनाओं और विभिन्न विभागों के अभिसरण के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाने की योजना है।

पर्यटन स्थलों पर बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विकास कार्यों में स्थानीय वास्तुकला, संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण पर भी जोर दिया जाएगा।

स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन विकास का लाभ सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए। मिशन के तहत 1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने, 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने और 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। इसके अलावा 500 टूर गाइड और फ्रंटलाइन कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, परिवहन और पर्यटन मार्गदर्शन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।


पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य

सरकार ने प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने और औसत प्रवास अवधि को बढ़ाकर दो दिन करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए करीब 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने की योजना है। साथ ही 10 से 20 पीपीपी परियोजनाओं के जरिए कम से कम 1,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मिशन के तहत चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट भी विकसित किए जाएंगे। पर्यटन मार्गों पर 15 से 20 वे-साइड सुविधाएं और करीब 500 पर्यटन संकेतक लगाए जाएंगे। डिजिटल सुविधाओं के तहत बहुभाषी वेबसाइट, मोबाइल एप, एआई आधारित पर्यटन सूचना, ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल भुगतान और रियल टाइम नेविगेशन जैसी सेवाएं विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पर्यटन से समृद्धि’ मिशन की मूल भावना होगी और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक व जनजातीय विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाया जाएगा।