गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
पिपरा गांव में 64वीं बार दुर्गापूजा शुरू, 1963 से चली आ रही परंपरा   •   देव मेडिकल कॉलेज PPP मॉडल का विरोध, शशि चौरसिया ने बताया टोल टैक्स जैसा मॉडल   •   भोजपुर में महिला की गोली मारकर हत्या, भैंसुर पर आरोप   •   राहुल गांधी घुसपैठियों की रक्षा कर रहे हैं, झारखंड में उन्हीं के बल पर चल रही सरकार: प्रतुल शाहदेव   •   छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प, चित्रकोट-मैनपाट-सिरपुर को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं   •   वैशाली में गंगा में नाव पलटी, 13 बच्चों की मौत; SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी   •   पिपरा गांव में 64वीं बार दुर्गापूजा शुरू, 1963 से चली आ रही परंपरा   •   देव मेडिकल कॉलेज PPP मॉडल का विरोध, शशि चौरसिया ने बताया टोल टैक्स जैसा मॉडल   •   भोजपुर में महिला की गोली मारकर हत्या, भैंसुर पर आरोप   •   राहुल गांधी घुसपैठियों की रक्षा कर रहे हैं, झारखंड में उन्हीं के बल पर चल रही सरकार: प्रतुल शाहदेव   •   छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प, चित्रकोट-मैनपाट-सिरपुर को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं   •   वैशाली में गंगा में नाव पलटी, 13 बच्चों की मौत; SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी   •  
बिहार ब्रेकिंग न्यूज़

वैशाली में गंगा में नाव पलटी, 13 बच्चों की मौत; SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

वैशाली के राघोपुर में रामपुर श्यामचंद के पास गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। SDRF और स्थानीय गोताखोरों ने बड़े पैमाने पर राहत-बचाव अभियान चलाया।

M
Media Darshan संवाददाता, Media Darshan
14 अक्टूबर 2026, 09:08 AM IST (19 घंटे पहले) अपडेट: 14 अक्टूबर 2026, 11:34 PM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

मीडिया दर्शन/हाजीपुर: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुए इस हादसे में 13 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन, पुलिस, SDRF और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया।

भोज में शामिल होने जा रहे थे लोग

मिली जानकारी के अनुसार, नाव पर बड़ी संख्या में बच्चे और अन्य लोग सवार थे। वे नदी पार कर एक भोज में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रामपुर श्यामचंद गांव के पास गंगा नदी में नाव अचानक पलट गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाव पर उसकी क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जांच की जा रही है।

नाव पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। कई लोगों को नदी से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

SDRF और स्थानीय गोताखोरों ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। SDRF की टीम को भी रेस्क्यू अभियान में लगाया गया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में लोगों की तलाश की गई। अंधेरा और नदी की स्थिति के कारण शुरुआती बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा।

प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की गई और हादसे में प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि बचाव और राहत अभियान को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया।

13 बच्चों की मौत से गांव में मातम

हादसे में 13 बच्चों की मौत की पुष्टि के बाद रामपुर श्यामचंद और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों में शामिल सभी बच्चे 15 वर्ष से कम उम्र के बताए गए हैं। कई परिवारों पर एक साथ दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

घटना के बाद प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को सहायता देने की घोषणा भी की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की सहायता की घोषणा की है।

हादसे की जांच पर भी नजर

नाव हादसे के बाद नाव की क्षमता, उस पर सवार यात्रियों की संख्या और दुर्घटना के कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर नाव की स्थिति और क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने की बात कही जा रही है। प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

फिलहाल SDRF और स्थानीय बचाव दल की कार्रवाई के साथ प्रशासन प्रभावित परिवारों तक राहत और चिकित्सा सहायता पहुंचाने में जुटा है।