मीडिया दर्शन/पटना: कला और रचनात्मकता के प्रति बचपन से ही रुचि रखने वाली पटना की निहारिका कुमारी ने अपने शौक को अब एक नई दिशा देने की पहल की है। लंबे समय तक पढ़ाई और नौकरी में व्यस्त रहने के कारण वह अपने इस शौक को पर्याप्त समय नहीं दे पाईं, लेकिन अब उन्होंने रेज़िन आर्ट को अपनी रचनात्मकता के साथ-साथ आय और आत्मनिर्भरता का जरिया बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
मूल रूप से समस्तीपुर की रहने वाली निहारिका ने अपने जीवन के करीब 26 वर्ष पटना में बिताए हैं। बचपन से ही कला और नई चीजें बनाने में उनकी दिलचस्पी रही, लेकिन पढ़ाई और नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच यह रुचि कहीं पीछे छूटती चली गई। अब उन्होंने अपने पुराने शौक को फिर से समय देने का फैसला किया है और इसी के साथ रेज़िन आर्ट के क्षेत्र में अपनी नई यात्रा शुरू की है।
यूट्यूब वीडियो ने दिखाई नई राह
निहारिका बताती हैं कि रेज़िन आर्ट से उनका परिचय किसी औपचारिक संस्थान के माध्यम से नहीं, बल्कि यूट्यूब वीडियो देखते हुए हुआ। एक दिन अचानक उनकी नजर रेज़िन आर्ट से तैयार की गई खूबसूरत और आकर्षक वस्तुओं पर पड़ी। इन कलाकृतियों ने उनका ध्यान अपनी ओर खींचा और उनके मन में इसे सीखने की इच्छा पैदा हुई।
इसके बाद उन्होंने रेज़िन आर्ट के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। उन्होंने ऑनलाइन वीडियो और प्रशिक्षण सामग्री के माध्यम से इस कला को समझने और सीखने का प्रयास किया। धीरे-धीरे उन्हें रेज़िन के साथ अलग-अलग रंगों और सजावटी सामग्री का इस्तेमाल कर वस्तुएं तैयार करने की प्रक्रिया में रुचि बढ़ने लगी।
निहारिका के लिए यह केवल किसी नई कला को सीखने का अनुभव नहीं था, बल्कि उन्हें लगा कि जिस रचनात्मक रुचि को वह वर्षों से समय नहीं दे पाई थीं, उसे अब एक नए अवसर के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।
‘अगर अब नहीं, तो फिर कभी नहीं’ ने बदली दिशा
रेज़िन आर्ट को लेकर जानकारी और प्रशिक्षण लेने के बाद करीब एक महीने पहले निहारिका ने अपने इस शौक को काम का रूप देने का फैसला किया। उन्होंने तय किया कि अगर उन्हें अपने हुनर को पहचान दिलानी है तो शुरुआत अभी से करनी होगी।
इसी सोच के साथ उन्होंने रेज़िन आर्ट का काम शुरू किया। शुरुआत भले ही छोटी रही, लेकिन इस दौरान उन्हें अपने काम को लेकर आत्मविश्वास बढ़ने का अनुभव हुआ। निहारिका का मानना है कि किसी भी काम की शुरुआत के लिए सबसे जरूरी चीज खुद पर भरोसा और पहला कदम उठाने का साहस है।
वह कहती हैं कि शुरुआत करने के बाद धीरे-धीरे उनके सामने नए रास्ते खुलने लगे। रेज़िन आर्ट के जरिए उन्हें अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने का अवसर तो मिल ही रहा है, साथ ही वह अपने हुनर को आर्थिक गतिविधि से जोड़ने की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।
क्या है रेज़िन आर्ट?
रेज़िन आर्ट एक ऐसी कला है, जिसमें आम तौर पर एपॉक्सी रेज़िन और हार्डनर के साथ अलग-अलग रंगों और सजावटी सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें ग्लिटर, सूखे फूल, पत्तियां, मोती और अन्य सजावटी सामग्री को शामिल कर आकर्षक डिजाइन तैयार किए जाते हैं।
इस कला के माध्यम से कई तरह की उपयोगी और सजावटी वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। इनमें ज्वेलरी, की-चेन, कोस्टर, होम डेकोर आइटम, पूजा सामग्री, मोबाइल स्टैंड, नेम प्लेट, फ्लावर प्रिजर्वेशन और कस्टमाइज्ड गिफ्ट जैसी वस्तुएं शामिल हैं।
रेज़िन आर्ट की खासियत यह है कि इसमें डिजाइन और रंगों के साथ प्रयोग की काफी गुंजाइश रहती है। किसी व्यक्ति की पसंद, अवसर या जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड उत्पाद भी तैयार किए जा सकते हैं। यही वजह है कि निहारिका को इसमें अपनी रचनात्मकता को नए तरीके से इस्तेमाल करने का अवसर नजर आया।
रचनात्मकता को रोजगार से जोड़ने की कोशिश
निहारिका के लिए रेज़िन आर्ट केवल एक शौक नहीं रह गया है। वह इसे अपनी पहचान बनाने और भविष्य में आय का जरिया विकसित करने के अवसर के रूप में देख रही हैं। उनका उद्देश्य अपने हुनर को लगातार बेहतर करना और इस काम को धीरे-धीरे आगे बढ़ाना है।
उनका मानना है कि किसी भी काम को शुरू करने के लिए बड़े स्तर से शुरुआत करना जरूरी नहीं है। छोटी शुरुआत भी आगे चलकर एक बड़े अवसर का रूप ले सकती है। फिलहाल वह रेज़िन आर्ट की बारीकियों को समझने, नए डिजाइन तैयार करने और अपनी रचनात्मकता को बेहतर तरीके से सामने लाने पर ध्यान दे रही हैं।
निहारिका चाहती हैं कि आने वाले समय में उनके बनाए रेज़िन आर्ट उत्पाद लोगों तक पहुंचें और इस काम के जरिए उनकी अपनी एक अलग पहचान बने। उनके लिए यह सफर केवल उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने भीतर छिपी रचनात्मक क्षमता को पहचानने और उसे आत्मनिर्भरता के अवसर से जोड़ने की कोशिश भी है।
छोटे कदम से बड़े सपने की ओर
करीब एक महीने पहले शुरू हुई निहारिका की यह यात्रा अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन उनके भीतर अपने काम को लेकर उत्साह और आगे बढ़ने की इच्छा साफ दिखाई देती है। यूट्यूब से मिली प्रेरणा, ऑनलाइन प्रशिक्षण और अपने हुनर पर भरोसे ने उन्हें अपने पुराने शौक को एक नई दिशा देने का मौका दिया है।
अब उनकी कोशिश है कि रेज़िन आर्ट के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए नए प्रयोग करें और अपने काम की गुणवत्ता को बेहतर बनाएं। उन्हें उम्मीद है कि लोगों का सहयोग और प्रोत्साहन उनकी इस नई शुरुआत को मजबूती देगा।
निहारिका की कहानी यह बताती है कि कई बार वर्षों से दिल के किसी कोने में मौजूद शौक को एक अवसर में बदलने के लिए केवल एक शुरुआत की जरूरत होती है। आज वह उसी शुरुआत के साथ अपनी रचनात्मकता को नई उड़ान देने और रेज़िन आर्ट के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।