पटना, 28 सितंबर। बिहार विधान परिषद के सभापति और भाजपा के वरिष्ठ नेता अवधेश नारायण सिंह ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद जदयू के विधान पार्षद और परिषद के उपसभापति रामवचन राय ने कार्यकारी सभापति का प्रभार संभाल लिया।
इस्तीफा देने के बाद अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि पार्टी का फैसला उन्हें स्वीकार है और उन्हें किसी तरह का गिला-शिकवा नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें चार बार विधान परिषद का सभापति बनने का अवसर दिया। भविष्य में पार्टी की ओर से जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, वह उसका पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान परिषद के सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार जताया।
रामवचन राय ने कार्यकारी सभापति का पद संभालने के बाद कहा कि वह मिली जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे। वह लंबे समय से बिहार विधान परिषद से जुड़े रहे हैं और जदयू के विधान पार्षद हैं।
सत्ता-साझेदारी के फॉर्मूले से जोड़कर देखा जा रहा बदलाव
अवधेश नारायण सिंह का इस्तीफा बिहार में भाजपा और जदयू के बीच सत्ता-साझेदारी की व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार विधान परिषद के सभापति पद को जदयू के हिस्से में दिए जाने की चर्चा थी। इसी क्रम में अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद रामवचन राय को कार्यकारी सभापति की जिम्मेदारी दी गई।
हालांकि, सभापति पद पर स्थायी निर्वाचन की औपचारिक प्रक्रिया अलग से पूरी होगी। कुछ ताजा रिपोर्टों में रामवचन राय को नए सभापति के रूप में चुने जाने की भी जानकारी दी गई है।