फिटनेस को लेकर लोगों की बदलती पसंद के बीच पिलाटेस वर्कआउट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। खास बात यह है कि इसे केवल वजन घटाने वाली एक्सरसाइज के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि शरीर की मजबूती, संतुलन और बेहतर मूवमेंट के लिए भी अपनाया जा रहा है। आज की भागदौड़ भरी Lifestyle में लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए भी इस तरह की एक्सरसाइज आकर्षण का केंद्र बन रही है।
पिलाटेस में शरीर के अलग-अलग हिस्सों की मांसपेशियों को नियंत्रित तरीके से सक्रिय किया जाता है। इसमें खासतौर पर कोर यानी पेट और कमर के आसपास की मांसपेशियों पर ध्यान दिया जाता है। नियमित अभ्यास से शरीर की स्थिरता और लचीलापन बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
इस वर्कआउट की एक खासियत यह भी है कि इसमें केवल तेज गति से एक्सरसाइज करने के बजाय सही पॉश्चर और नियंत्रित मूवमेंट पर जोर दिया जाता है। यही वजह है कि कई लोग इसे अपनी सामान्य फिटनेस रूटीन के साथ जोड़ रहे हैं।
हालांकि किसी भी नए वर्कआउट को शुरू करने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति और क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। गलत तरीके से एक्सरसाइज करने पर परेशानी भी हो सकती है। शुरुआत प्रशिक्षित व्यक्ति की निगरानी में करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
फिटनेस का यह नया ट्रेंड बताता है कि लोग अब सिर्फ वजन कम करने के बजाय मजबूत शरीर, बेहतर पॉश्चर और रोजमर्रा की एक्टिविटी में आसानी पर भी ध्यान दे रहे हैं।