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RO पानी को लेकर नया सवाल, RO पानी कितना सही?

RO पानी के कम TDS को लेकर लोगों में कई सवाल हैं। जानिए कम TDS वाले पानी और शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स के बीच क्या संबंध है।

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Media Darshan संवाददाता, Media Darshan
27 सितंबर 2026, 12:58 PM IST (1 दिन पहले) अपडेट: 28 सितंबर 2026, 08:39 PM IST
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घरों में साफ और सुरक्षित पानी के लिए RO सिस्टम का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही पानी में मौजूद TDS यानी Total Dissolved Solids को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा रहती है। खासकर बहुत कम TDS वाले पानी को लेकर यह सवाल उठता है कि क्या इससे शरीर को जरूरी मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में मिल पाते हैं।

नई स्वास्थ्य जानकारी के मुताबिक, पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स मौजूद हो सकते हैं, लेकिन सामान्य तौर पर शरीर को इनका बड़ा हिस्सा भोजन से प्राप्त होता है। इसलिए केवल पानी का TDS कम होने को अपने आप किसी गंभीर मिनरल कमी का कारण मानना सही नहीं है।

हालांकि पानी की गुणवत्ता केवल TDS के आंकड़े से तय नहीं होती। पानी के स्रोत, फिल्ट्रेशन सिस्टम, उसकी साफ-सफाई और समय पर फिल्टर बदलना भी महत्वपूर्ण है। बहुत कम TDS वाला पानी स्वाद में थोड़ा अलग या हल्का लग सकता है, लेकिन इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि वह हर व्यक्ति के लिए नुकसानदायक हो।

दूसरी तरफ, बहुत ज्यादा TDS वाले पानी की गुणवत्ता को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। घर में इस्तेमाल होने वाले RO सिस्टम की नियमित सर्विस और फिल्टर की सफाई जरूरी है।

विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक शरीर के लिए कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों का पर्याप्त सेवन संतुलित भोजन से करना महत्वपूर्ण है। दूध, दही, हरी सब्जियां, दालें, मेवे और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।

इसलिए RO पानी को लेकर केवल TDS नंबर देखकर निष्कर्ष निकालने के बजाय पानी की पूरी गुणवत्ता और अपनी डाइट, दोनों पर ध्यान देना बेहतर है।