मंझौल:- पृथ्वी पर आद्रभूमि का बचाव, संरक्षण और उसका मानवीय हित में उपयोग आज की जरूरत है। इसके लिए विश्व समुदाय को आगे आना होगा। गुरूवार को जयमंगलागढ़ स्थित अतिथि गृह में वन विभाग द्वारा विश्व वेटलैंड दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि काबर नेचर क्लब, मंझौल के संरक्षक महेश भारती ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान के रामसर शहर में 2 फरवरी 1971 को हुए अंतरराष्ट्रीय समिट में वेटलैंड संरक्षण को लेकर समझौता हुआ और हर साल इस दिन को वेटलैंड डे के रूप में मनाया जाता है। पृथ्वी पर वेटलैंड वैसे क्षेत्र होते हैं जो पानी से भरे या दलदली क्षेत्र माने जाते हैं। ये वैटलैंड कहीं भी हो सकते हैं। भारत में 75 चिन्हित वेटलैंड्स में बिहार का एकमात्र साइट काबर टाल क्षेत्र भी है। यह बिहार का एकमात्र रामसर साइट और पक्षी अभयारण्य भी है। यहां के जल ,जैव विविधता और प्रकृति को बचाए रखने की ज़िम्मेदारी समाज को लेनी होगी।
मौके पर विश्व वेटलैंड्स विभाग के रवि प्रकाश ने कहा कि वेटलैंड्स की रक्षा करना मानवीय दायित्व है। हम स्थलीय जल की कमी को दूर कर सकते हैं और जलीय जैव विविधता की रक्षा कर सकते हैं।
मौके पर बेगूसराय जिले के वन पदाधिकारी रविन्द्र कुमार रवि ने कहा कि काबर रामसर साइट को लेकर विभाग सक्रिय हैं। यहां के जल संरक्षण,जैव विविधता और वातावरण की रक्षा के लिए उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि काबर टाल क्षेत्र में प्रवासी चिड़ियों को शिकार को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से वेटलैंड्स की रक्षा को लेकर आगे आने का आह्वान किया। इस अवसर पर क्षेत्र वन अधिकारी संजीव कुमार, फोरेस्टर कन्हैया कुमार, मुकेश कुमार,धीरज कुमार, प्रिया कुमारी, सुमन लता, नीतीश कुमार, समाजसेवी अमन कुमार ,शिक्षक मुकेश कुमार , वेटलैंड्स मित्र आदि थे। मौके पर पेंटिंग और लेख प्रतियोगिता में अव्वल आनेवाले छात्र छात्राओं को मेडल देकर सम्मानित किया गया।