मीडिया दर्शन/सुपौल: कोसी नदी में करीब 3.13 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने के बाद सुपौल के कोसी प्रभावित इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। नदी के बढ़े जलस्तर से तटबंध के अंदर बसे लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों और आंगन तक पहुंच गया है, जिससे लोगों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने के साथ-साथ भोजन और पेयजल की समस्या भी खड़ी हो गई है।
बाढ़ प्रभावित कई परिवारों ने घरों के अंदर मचान पर शरण ली है, जबकि कुछ लोगों ने पेड़ों और ऊंचे स्थानों पर जाकर खुद को सुरक्षित किया। कई परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी परिवार हैं, जिनके लिए बाढ़ के पानी के बीच बाहर निकलना मुश्किल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पर्याप्त संख्या में नाव उपलब्ध नहीं होने से प्रभावित परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासनिक टीमें सक्रिय हैं।
प्रशासन ने पहले ही जारी किया था अलर्ट
जिला प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए एक दिन पहले ही लोगों को सतर्क किया था। प्रशासन की ओर से बताया गया था कि नदी में पानी का स्तर बढ़ने पर करीब 3.30 लाख क्यूसेक तक पानी पहुंचने की संभावना है। स्थिति गंभीर होने पर तटबंध के अंदर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई थी।
जिला पदाधिकारी ने जल संसाधन विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और तटबंधों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी आपात सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
किशनपुर में 20 कम्युनिटी किचन खोलने का निर्देश
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए किशनपुर प्रखंड प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए 20 कम्युनिटी किचन शुरू करने का निर्देश दिया है। प्रशासन के अनुसार, इनमें करीब एक दर्जन कम्युनिटी किचन शनिवार रात से ही शुरू किए जाने की तैयारी है, जबकि शेष किचन रविवार सुबह तक संचालित किए जाएंगे।
प्रभारी अंचल अधिकारी रिया राज के अनुसार, पूर्व में चिह्नित स्थानों पर कम्युनिटी किचन संचालित करने का निर्देश दिया गया है। इनके संचालन और व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों एवं कर्मियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए संबंधित टीमें लगातार काम कर रही हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।