मीडिया दर्शन/सुपौल। रोशनी और खुशियों के पर्व दीपावली को लेकर सुपौल के बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। बाजार की दुकानें दीप, रंग-बिरंगी फूलझड़ियों, सजावटी सामान और पूजन सामग्री से सजी हुई हैं। पर्व को लेकर लोग बाजारों में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। हालांकि, इस बार महंगाई का असर त्योहार की खरीदारी पर भी दिखाई दे रहा है। कई लोग जरूरत के मुताबिक ही सामान खरीद रहे हैं, जिससे दुकानदारों में कारोबार को लेकर मायूसी है।
दीपावली को लेकर बाजार में सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी हुई है। मिट्टी के दीये, रंग-बिरंगी लाइटें, फूलझड़ियां, मिठाइयां और पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहक पहुंच रहे हैं। वहीं, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की कीमत पूछने वालों की संख्या भी अच्छी-खासी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण इस बार बजट के अनुसार ही खरीदारी करनी पड़ रही है।
पिछले साल की तुलना में बाजार में कम उत्साह
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दीपावली का कारोबार अपेक्षाकृत धीमा है। काजल श्रृंगार स्टोर के संचालक मनोज कुमार चौधरी, किराना व्यवसायी लव कुमार चौधरी और इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार संजय जायसवाल ने बताया कि बाजार में ग्राहक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीदारी कम कर रहे हैं। अधिकांश लोग सामान की कीमत पूछने के बाद अपनी जरूरत के हिसाब से सीमित खरीदारी कर रहे हैं।
दुकानदारों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण लोगों के घरेलू बजट पर दबाव है। यही वजह है कि त्योहार के बावजूद बाजार में पिछले साल जैसा उत्साह नजर नहीं आ रहा है।
भीड़ के बावजूद खरीदारी पर महंगाई का असर
बाजार में लोगों की भीड़ को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने इसे बढ़ती आबादी से भी जोड़कर देखा। हालांकि, दुकानदारों के मुताबिक बाजार में भीड़ और वास्तविक खरीदारी के बीच अंतर साफ नजर आ रहा है।
कुल मिलाकर, दीपावली को लेकर सुपौल का बाजार रोशनी और रंगों से गुलजार है, लेकिन महंगाई ने त्योहार की खरीदारी का उत्साह कुछ कम कर दिया है। अब दुकानदारों को उम्मीद है कि पर्व के अंतिम समय में ग्राहक जमकर खरीदारी करेंगे।