मीडिया दर्शन/औरंगाबाद: औरंगाबाद के गांधी मैदान में रविवार को आयोजित राजद के मिलन समारोह में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। कार्यक्रम के दौरान रफीगंज के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह अपने समर्थकों के साथ राजद में शामिल हुए। तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। अशोक सिंह के राजद में शामिल होने की जानकारी की पुष्टि अन्य ताजा रिपोर्टों में भी हुई है।
एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल
सभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया से भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंच सकता है।
तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि मतदाता सूची की शुचिता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। उनका दावा था कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने से मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
इन आरोपों पर निर्वाचन आयोग की ओर से इस कार्यक्रम के संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। इसलिए तेजस्वी के आरोपों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अपराध और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमला
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर बिहार में अपराध और महिला सुरक्षा के मुद्दे को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने जमुई की नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के पूर्व बयानों पर सवाल उठाए।
तेजस्वी ने कहा कि सरकार को अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में केवल बयान देने के बजाय कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से नाबालिग पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर साझा किए जाने के कथित मामले को भी सभा में उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि तस्वीर के कारण पीड़िता की पहचान उजागर होने का खतरा पैदा हुआ और बाद में संबंधित पोस्ट हटाया गया। इस मामले में भी तेजस्वी ने कानून के समान रूप से लागू होने का सवाल उठाया।
अशोक सिंह की राजद में वापसी
कार्यक्रम का प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम रफीगंज के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह का राजद में शामिल होना रहा। गांधी मैदान में तेजस्वी यादव की मौजूदगी में अशोक सिंह ने राजद की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थकों के भी पार्टी में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
अशोक कुमार सिंह रफीगंज विधानसभा क्षेत्र से 2010 और 2015 में जदयू के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट नहीं मिलने के बाद उनका जदयू से राजनीतिक संबंध समाप्त हुआ और अब उन्होंने राजद का रुख किया है।
बोले अशोक- राजद मेरा पुराना घर
राजद में शामिल होने के बाद अशोक कुमार सिंह ने कहा कि राजद उनके लिए नया दल नहीं है, बल्कि यह उनका पुराना राजनीतिक घर रहा है। उन्होंने अपने पिता रामाधार सिंह का भी जिक्र किया और कहा कि उनके पिता का लालू प्रसाद यादव के साथ राजनीतिक संबंध रहा था।
अशोक सिंह ने अपने संबोधन में खुद को “झोपड़ी के राजपूत” बताते हुए कहा कि राजद में उनकी वापसी से उनके जैसे लोगों में खुशी है। उन्होंने यह भी कहा कि अब राजद ही उनकी “लाइफटाइम पार्टी” है।
कई राजद नेता रहे मौजूद
मिलन समारोह में राजद के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में गोह के पूर्व विधायक भीम यादव, रफीगंज के पूर्व विधायक गुलाम साहिद, ओबरा के पूर्व विधायक ऋषि कुमार सहित अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।
अशोक सिंह के राजद में शामिल होने से औरंगाबाद की स्थानीय राजनीति में पार्टी की गतिविधियों और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हुई है। हालांकि, इसके राजनीतिक प्रभाव का आकलन आने वाले समय में ही किया जा सकेगा।