मीडिया दर्शन, औरंगाबाद। बिहार राजस्व अमीन संघ के आह्वान पर सोमवार को जिले के राजस्व अमीनों ने अपनी नौ सूत्री लंबित मांगों को लेकर दानी बिगहा बस स्टैंड के समीप धरना-प्रदर्शन किया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अमीनों ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पर उनकी मांगों के समाधान को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
संघ ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस पहल नहीं की गई तो 6 अक्टूबर से राज्यभर के नियमित राजस्व अमीन अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। अमीनों का कहना है कि सामूहिक अवकाश की स्थिति में राजस्व से जुड़े विभिन्न कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
15 मई की वार्ता के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
बिहार राजस्व अमीन संघ के अनुसार, 15 मई 2026 को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ हुई वार्ता में लंबित मांगों के समाधान की दिशा में पहल का आश्वासन दिया गया था। संघ का आरोप है कि इसके बाद कई बार पत्राचार और अनुरोध किए गए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
इसी के विरोध में 5 अक्टूबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना एवं बैठक आयोजित की गई। औरंगाबाद में भी बड़ी संख्या में राजस्व अमीन दानी बिगहा बस स्टैंड के समीप जुटे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
लेवल-6 वेतनमान और पदोन्नति की मांग
धरना दे रहे राजस्व अमीनों ने अपने मूल पद का वेतनमान लेवल-6 किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही त्रिस्तरीय पदसोपान एवं पदोन्नति का प्रावधान करने की मांग भी की गई।
संघ ने पदोन्नति के लिए कानूनगो, राजस्व अधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, अंचल अधिकारी अथवा समकक्ष पदों का पदसोपान निर्धारित करने की मांग रखी है। अमीनों ने पदनाम में बदलाव और लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की भी मांग की।
इसके अलावा दो वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर चुके राजस्व अमीनों की सेवा संपुष्टि करने की मांग भी संघ की ओर से उठाई गई।
क्षेत्रीय कार्य के दौरान सुरक्षा की मांग
राजस्व अमीनों ने कहा कि उनका कार्य क्षेत्रीय और संवेदनशील प्रकृति का है। क्षेत्र में काम करने के दौरान कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने क्षेत्रीय कार्य के दौरान सुरक्षाकर्मी और जंजीरवाहक उपलब्ध कराने की मांग की।
अमीनों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में राजस्व संबंधी कार्यों को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है।
रिक्त पदों पर बहाली और यात्रा भत्ता की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान संघ ने रिक्त पदों पर बहाली की मांग भी उठाई। इसके साथ ही क्षेत्रीय कार्य की प्रकृति को देखते हुए राजस्व अमीनों को सरकारी वाहन अथवा यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग की गई।
अमीनों ने क्षेत्रीय कार्य करने वाले कर्मचारियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति से मुक्त करने की भी मांग रखी। उनका कहना है कि लगातार क्षेत्रीय भ्रमण और कार्य की प्रकृति को देखते हुए बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है।
6 अक्टूबर से सामूहिक अवकाश की चेतावनी
राजस्व अमीन संघ ने स्पष्ट किया कि उनकी नौ सूत्री मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में 6 अक्टूबर से नियमित राजस्व अमीन अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे।
संघ ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और पूर्व में विभागीय स्तर पर समाधान का आश्वासन भी दिया जा चुका है। ऐसे में अब मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
धरना-प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, जिला महामंत्री सुबोध कुमार सिंह, जिला कोषाध्यक्ष शाहनवाज आलम, जिला मंत्री अनुप कुमार, अनीश कुमार, निशांत कुमार, ज्योति नारायण गुप्ता, अर्जुन कुमार, हेमलता कुमारी, सोनी कुमारी, तेजनारायण कुमार, अभिजीत कुमार, सुरभि कुमारी, विकास कुमार, जिला मीडिया प्रभारी सत्यप्रकाश, धनंजय कुमार, मुस्ताक अहमद, सौरभ सुमन, जिला उपाध्यक्ष रम्भा कुमारी और सुमित कुमार समेत बड़ी संख्या में राजस्व अमीन मौजूद रहे।
राजस्व अमीनों की प्रमुख 9 मांगें
1. मूल पद का वेतनमान लेवल-6 किया जाए।
2. त्रिस्तरीय पदसोपान एवं पदोन्नति का प्रावधान किया जाए।
3. पदोन्नति के लिए कानूनगो, राजस्व अधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, अंचल अधिकारी अथवा समकक्ष पदों का पदसोपान निर्धारित किया जाए।
4. राजस्व अमीनों के पदनाम में बदलाव किया जाए।
5. लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी की जाए।
6. दो वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर चुके अमीनों की सेवा संपुष्टि की जाए।
7. क्षेत्रीय कार्य के दौरान सुरक्षाकर्मी और जंजीरवाहक उपलब्ध कराए जाएं।
8. रिक्त पदों पर बहाली के साथ सरकारी वाहन अथवा यात्रा भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
9. क्षेत्रीय कार्य की प्रकृति को देखते हुए राजस्व अमीनों को बायोमेट्रिक उपस्थिति से मुक्त किया जाए।