गुरुवार, 5 नवंबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
औरंगाबाद में सजा कला का महाकुंभ, बिहार के कलाकारों को मिला सम्मान   •   सौरबाजार थाना का डीआईजी ने किया निरीक्षण, हर माह 10 कांडों के निष्पादन का लक्ष्य   •   औरंगाबाद DEO ऑफिस में महिला का हंगामा, DEO देखते रह गए - "तू है कौन, मारेगा?" वीडियो वायरल   •   सुपौल में पीएनजी गैस कनेक्शन की हुई शुरुआत, प्रथम फेज में 500 उपभोक्ताओं के बीच दी जाएगी कनेक्शन   •   जुआ खेलते नौ लोग गिरफ्तार, 19,670 रुपये नकद बरामद   •   उग हो सूरज देव’ की गूंज से झूम उठा तुतला भवानी धाम, कल्पना पटवारी ने सुरों से जीता दिल   •   औरंगाबाद में सजा कला का महाकुंभ, बिहार के कलाकारों को मिला सम्मान   •   सौरबाजार थाना का डीआईजी ने किया निरीक्षण, हर माह 10 कांडों के निष्पादन का लक्ष्य   •   औरंगाबाद DEO ऑफिस में महिला का हंगामा, DEO देखते रह गए - "तू है कौन, मारेगा?" वीडियो वायरल   •   सुपौल में पीएनजी गैस कनेक्शन की हुई शुरुआत, प्रथम फेज में 500 उपभोक्ताओं के बीच दी जाएगी कनेक्शन   •   जुआ खेलते नौ लोग गिरफ्तार, 19,670 रुपये नकद बरामद   •   उग हो सूरज देव’ की गूंज से झूम उठा तुतला भवानी धाम, कल्पना पटवारी ने सुरों से जीता दिल   •  

हिमाचल प्रदेश में भूकंप के दो झटके, चंबा-कांगड़ा में दहशत; 4.0 रही तीव्रता

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के चंबा और कांगड़ा जिलों में मंगलवार शाम करीब 46 मिनट के अंतराल में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। लगातार दो बार धरती हिलने से चंबा, कांगड़ा और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गय

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
18 अगस्त 2026, 09:58 PM IST (18 अगस्त 2026) अपडेट: 25 अक्टूबर 2026, 04:54 PM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के चंबा और कांगड़ा जिलों में मंगलवार शाम करीब 46 मिनट के अंतराल में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। लगातार दो बार धरती हिलने से चंबा, कांगड़ा और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अभी तक भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, पहला भूकंप शाम 6:54 बजे चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में महसूस किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 दर्ज की गई। इसके करीब 46 मिनट बाद 7:40 बजे कांगड़ा क्षेत्र में दूसरा भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.0 मापी गई।

चंबा और कांगड़ा में महसूस हुए तेज झटके

पहले भूकंप का केंद्र चंबा क्षेत्र में बताया गया है। वहीं, दूसरे भूकंप का केंद्र कांगड़ा जिले में धर्मशाला और शाहपुर के निकट करेरी क्षेत्र के आसपास बताया गया। इसकी गहराई जमीन के भीतर करीब 5 किलोमीटर थी।

कांगड़ा में आए भूकंप के झटके बैजनाथ, पालमपुर और नूरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किए गए। चंबा के अलावा आसपास के कुछ अन्य जिलों में भी कंपन महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

हिमाचल भूकंप के लिहाज से संवेदनशील

हिमाचल प्रदेश के कई इलाके भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू और किन्नौर जैसे जिले भूकंपीय रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हैं।

हिमाचल के इतिहास में 4 अप्रैल 1905 का कांगड़ा भूकंप सबसे विनाशकारी घटनाओं में गिना जाता है। उस समय करीब 7.8 तीव्रता के भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। ऐसे में मंगलवार शाम आए लगातार दो झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं दी गई है।