मंगलवार, 22 सितंबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •   बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •  

Success Story: मां को खोया, शादी के दबाव में छोड़ा घर, ट्यूशन पढ़ाकर बन गईं अफसर

Success Story: एक साधारण से परिवार में जन्मी संजू रानी वर्मा बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। वह यूपीएससी निकालकर IAS बनना चाहती थीं, लेकिन उनकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा था उनका खुद का परिवार.उनके परिवार में लड़कियों की पढ़ाई को महत्व नहीं दिया

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
30 जून 2023, 01:42 PM (30 जून 2023) 397 व्यूज
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

Success Story: एक साधारण से परिवार में जन्मी संजू रानी वर्मा बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। वह यूपीएससी निकालकर IAS बनना चाहती थीं, लेकिन उनकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा था उनका खुद का परिवार.उनके परिवार में लड़कियों की पढ़ाई को महत्व नहीं दिया जाता था और छोटी उम्र में ही उनकी शादी करा दी जाती थी।

IAS Success Story: हिंदी मीडियम से पढ़ाई कर बनीं पहले प्रयास में IPS और फिर तय किया IAS का सफर

हालांकि, संजू की मां ने उनका साथ दिया और पति के विरोध के बावजूद उन्हें ग्रेजुएशन कराया. संजू ने मेरठ के आरजी डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. इसके बाद जब वह दिल्ली विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही थीं, इसी दौरान उनकी मां का देहान्त हो गया।

बिहार में दूल्हा बदलकर बारात लेकर पहुंची लड़के की मां, जानिए फिर क्या हुआ..

इसके बाद उनके घर वालों ने उन पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया. इस वजह से उन्हें बीच में ही पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई छोड़नी पड़ी. लेकिन संजू हार मानने वालों में से नहीं थीं, इसलिए उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए घर छोड़ना ही उचित समझा. वहीं, उनके पास कोई वित्तीय मदद नहीं थी, इस वजह से उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया और छोटे से कमरे में किराये के मकान में रहने लगीं. इसके साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी जारी रखी.

पाठकों की प्रतिक्रियाएं (0)

अपनी राय साझा करें

इस खबर पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली प्रतिक्रिया आप दें!