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बांस उत्पादन एवं मूल्यवर्धन पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन

 (समस्तीपुर/ पूसा):-डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर में अवस्थित पंचतंत्र सभागार में बिहार के समस्तीपुर मुजफ्फरपुर , सीतामढ़ी शिवहर सहित अन्य जिलों के एटीएम, बीटीएम, किसान सलाहकार ,के लिए बांस उत्पादन एवं मूल्यवर्धन आधार

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
6 फरवरी 2023, 08:38 PM IST (6 फरवरी 2023) अपडेट: 31 अक्टूबर 2026, 06:48 AM IST
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 (समस्तीपुर/ पूसा):-डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर में अवस्थित पंचतंत्र सभागार में बिहार के समस्तीपुर मुजफ्फरपुर , सीतामढ़ी शिवहर सहित अन्य जिलों के एटीएम, बीटीएम, किसान सलाहकार ,के लिए बांस उत्पादन एवं मूल्यवर्धन आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक कार्यक्रम की आयोजन की गई। कार्यक्रम में उपस्थित कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय के प्रोफेसर सह मुख्य वैज्ञानिक डॉ मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत किया। उन्होंने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि बांस के उत्पादन को पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका बताया। उन्होंने कहा कि बांस के पेड़ से अन्य पौधों की अपेक्षा कृत वातावरण में 32 प्रतिशत अधिक ऑक्सीजन देता है। उन्होंने बांस के प्रभेद मकोर, एवं हरौत सहित अन्य प्रभेद पर विस्तृत चर्चा किया। उन्होंने कहा कि किसान बांस की खेती कर अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। डॉ श्रीवास्तव ने बांस के उपचारित प्रसंस्करण एवं उससे बने उत्पाद पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बांस के उत्पादन एवं विपणण युवाओं के लिए रोजगार का साधन है। उन्होंने नई तकनीक आधारित मशीन बारे में भी जानकारी दिया। कार्यक्रम में उपस्थित निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ एम एस कुंडू ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए ज्ञान को किसानों के बीच रखें। उन्होंने बीज से बांस उत्पत्ति के पौधा में लगने वाला समय 4 वर्ष से 5 वर्ष बताया उन्होंने कहा कि बांस की खेती किसान सभी प्रकार के भूमि पर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग कर बांस से बने सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने बांस उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं को बताया। उन्होंने कहा कि इस उद्योग को अपनाकर किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ अनुपमा कुमारी ने बॉस के पौधा को घास समूह की प्रजाति बताते हुए कहा कि बांस का विकास प्रतिदिन 90 सेंटीमीटर होता है। इस अवसर पर एटीएम बीएम के प्रशिक्षु शत्रुघन कुमार कृषि समन्वयक मुजफ्फरपुर, विकास कुमार एटीएम समस्तीपुर, शशि रंजन बीटीएम समस्तीपुर, मुरारी सिंह एसी समस्तीपुर, चंद्रमणि एटीएम समस्तीपुर, श्वेता निशा एटीएम मुजफ्फरपुर, दीपक कुमार निराला एटीएम सीतामढ़ी, मुकुल कुमार एटीएम सीतामढ़ी, सहित कर्मचारी रामाधार महतो एवं अन्य उपस्थित थे।