मीडिया दर्शन/ओबरा (औरंगाबाद): जगदेव विचार मंच के तत्वावधान में रविवार को ओबरा नगर भवन में बिहार लेनिन अमर शहीद जगदेव प्रसाद का 52वां शहादत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जगदेव प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर हुई। उपस्थित लोगों ने उनके विचारों और बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा थे। काराकाट के सांसद राजाराम सिंह मुख्य अतिथि और ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मंत्री बोले- हक के लिए मांग करें
मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि जगदेव प्रसाद ने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और शहादत दी। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों को याद करना जरूरी है। उनके अनुसार जगदेव प्रसाद सभी जातियों के नेता थे और उन्होंने लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा दी।
मंत्री ने कहा कि अधिकार मांगने के लिए झगड़ने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने का दावा किया और लोगों से किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की।
सांसद ने विचारों को बताया प्रासंगिक
काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि जगदेव प्रसाद के विचार पहले भी प्रासंगिक थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद शहादत और विचारधारा के प्रतीक हैं। उनके आदर्शों पर चलते हुए व्यक्तिगत और सामाजिक विकास की दिशा में काम करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विधायक बोले- जाति से ऊपर उठकर करें समाज की बात
ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा ने जगदेव प्रसाद को संघर्ष और विचार का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद शोषित और वंचित लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए जाने जाते हैं। विधायक ने सामाजिक विभाजन से ऊपर उठकर समानता और मानवता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अब समाज को जाति की सीमाओं से आगे बढ़कर व्यापक सामाजिक एकता की बात करनी चाहिए। विधायक ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार से जुड़े विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में मॉडल स्कूल, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन कोचिंग जैसी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।
विधायक ने लोगों से बच्चों को शिक्षित करने, भेदभाव से दूर रहने और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की अपील की। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के शिक्षा संबंधी संदेशों का भी उल्लेख किया।
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
कार्यक्रम की अध्यक्षता नागमणि वर्मा ने की, जबकि संचालन डॉ. रामेश्वर मेहता ने किया। इस दौरान कुशवाहा समाज के अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।