मीडिया दर्शन - सुपौल। कोसी बराज और तटबंधों का निरीक्षण करने के बाद शुक्रवार को सुपौल डीएम सावन कुमार ने नेपाल और भारतीय अधिकारियों एवं अभियंताओं के साथ बराज पर बैठक की। बैठक में सुपौल एसपी शरथ आरएस, जल संसाधन विभाग के अभियंता और नेपाल एपीएफ के अधिकारी मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत में डीएम सावन कुमार ने बताया कि वर्तमान में कोसी नदी में करीब 2.54 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक स्तर है। पटना स्थित मैथमैटिकल मॉडलिंग सेंटर के 24 घंटे के पूर्वानुमान के अनुसार पानी का अधिकतम स्तर करीब 3.30 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल पानी का बहाव सामान्य है और तटबंधों पर कहीं कोई दबाव नहीं है।
डीएम ने कहा कि शाम तक पानी के ट्रेंड की लगातार निगरानी की जाएगी। यदि पानी बढ़ता रहा और 3.10 से 3.30 लाख क्यूसेक के स्तर तक पहुंचने जैसी स्थिति बनती है, तो जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर अलर्ट जारी करेगा। जरूरत पड़ने पर तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की एडवाइजरी भी जारी की जाएगी।
डीएम ने मीडिया से अपील की कि जिला प्रशासन या मुख्य अभियंता की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के बिना किसी तरह की सूचना प्रसारित न करें। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए कहा कि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
स्पर और तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी
डीएम ने बताया कि कोसी के सभी संवेदनशील बिंदुओं पर 24 घंटे अभियंताओं की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन की टीम भी लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। आपात स्थिति से निपटने के लिए सैंड रिजर्व, सैंडबैग, जेसीबी और पोकलेन मशीनों की व्यवस्था की गई है।
स्परों पर भी आवश्यक मात्रा में बालू उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। बिजली की व्यवस्था और रात में गश्ती के लिए भी टीमों की तैनाती की गई है।
स्थिति बिगड़ने पर राहत कार्य की तैयारी
प्रशासन के अनुसार यदि स्थिति बिगड़ती है तो बाढ़ राहत शिविर और कम्युनिटी किचन शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जिला प्रशासन कोसी नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।