बिहार में तमाम प्रशासनिक सख्ती और निगरानी के बावजूद शराब की उपलब्धता में कमी नहीं आने की बड़ी वजहों में एक कारण यह भी है कि आज भी राज्य में चोरी छिपे शराब बनाने की अवैध भट्टियां और फैक्ट्री बदस्तूर संचालित हो रही है। ऐसी ही एक शराब बनाने की हाईटेक फैक्ट्री का पटना के दीघा थाने की पुलिस ने भंडाफोड़ किया है जहां देशी और विदेशी शराब ही नहीं बल्कि नकली शराब भी बनाई जा रही थी। बताय जाता है कि पटना पुलिस की नाक के नीचे तकरीबन छह महीने से यह फैक्ट्री चलाई जा रही थी जिसका दीघा पुलिस ने छापा मारकर खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से पंचिंग मशीन, बोतल, निर्मित व अर्धनिर्मित शराब और शराब बनाने के काम आने वाला कच्चा माल भी बड़ी मात्रा में बरामद किया है। गोपनीय सूचना के आधार पर छापेमारी के लिए पहुंची पुलिस ने चार आरोपियों को भी हिरासत में लिया है लेकिन छापे भनक मिलते ही इसका सरगना भागने में कामयाब रहा जिसके कारण उसे पकड़ा नहीं जा सका। हिरासत में लिए गए आरोपियों ने सघन पूछताछ जारी है और इस रैकेट के सरगना की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
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हालांकि अप्रैल 2016 में राज्य में ही शराबबंदी लागू किए जाने के बावजूद यह योजना इसलिए सफल नहीं हो र्पाई है क्योंकि बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड, बंगाल यूपी और नेपाल में शराबबंदी लागू नहीं है जिसका फायदा उठाकर शराब तस्कर चोरी-छिपे बिहार में शराब की तस्करी कर उसे अधिक कीमत पर बेचते है। लेकिन बिहार में शराबबंदी विफल होने का एक कारण राज्य में ही चोरी छिपे शराब बनाकर बेचना भी है। ऐसे ही कारखाने का दीघा पुलिस ने खुलासा किया है जहां इस फैक्ट्री में हाईटेक मशीन के जरिये बदमाश देसी शराब को अंग्रेजी बनाकर उसे बोतल में भरकर बाजार भेज देते थे जहां मोटी रकम लेने के बाद नकली अंग्रेजी शराब की बिक्री की जाती थी। सूत्रों का कहना है कि यह फैक्ट्री करीब छह माह से दीघा इलाके में चल रही थी। यहां बनी शराब को बाजार में खपाने की कोशिश करने वाला एक शख्स जब पुलिस के हत्थे चढ़ा तब उससे पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हुआ और फिर उसकी निशानदेही पर कारखाने में छापेमारी कर तीन अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
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