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दिल्ली में गूंजा हरपुर का धूसर जल प्रबंधन मॉडल

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Media Darshan संवाददाता, Media Darshan
25 सितंबर 2026, 08:25 PM IST (11 घंटे पहले) अपडेट: 26 सितंबर 2026, 07:30 AM IST
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मीडिया दर्शन/चरपोखरी (भोजपुर): चरपोखरी प्रखंड की मुकुन्दपुर पंचायत के हरपुर गांव में संचालित मानव निर्मित वेटलैंड (ग्रे-वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। गांव में धूसर जल के प्रबंधन और शोधन के लिए विकसित किए गए इस मॉडल का प्रतिनिधित्व 23 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय बैठक में किया गया।

मुकुन्दपुर पंचायत के मुखिया प्रवीण कुमार उर्फ राजू ने बैठक में हिस्सा लेकर हरपुर गांव के ग्रे-वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी केंद्रीय अधिकारियों के समक्ष साझा की।

गांव के गंदे पानी के प्रबंधन में मिल रहा लाभ

बैठक में मुखिया ने बताया कि हरपुर गांव में विकसित मॉडल के माध्यम से घरेलू उपयोग के बाद निकलने वाले धूसर जल का व्यवस्थित तरीके से प्रबंधन और शोधन किया जा रहा है। इससे गांव में गंदे पानी के निस्तारण की समस्या को कम करने में मदद मिल रही है।

उन्होंने मॉडल की कार्यप्रणाली, इसके उपयोग और ग्रामीण क्षेत्र में इससे हो रहे लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

दूसरे राज्यों में मॉडल अपनाने पर चर्चा

राष्ट्रीय बैठक के दौरान भोजपुर के इस मॉडल को अन्य राज्यों में भी अपनाए जाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। साथ ही हरपुर गांव को धूसर जल प्रबंधन के अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ।

मुखिया प्रवीण कुमार ने कहा कि हरपुर गांव में स्थानीय स्तर पर शुरू किए गए इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना पूरे भोजपुर जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर विकसित यह मॉडल अन्य पंचायतों के लिए भी जल प्रबंधन के क्षेत्र में प्रेरणादायक साबित हो सकता है।