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Bihar IAS Officer Success Story: UPSC की तैयारी के लिए पिता ने बेचा घर और मां ने गिरवी रखे गहने, तब जाकर बेटा बना IAS ऑफिसर

Bihar IAS Officer Success Story: बिहार के गोपालगंज के रहने वाले प्रदीप सिंह ने दो बार यूपीएससी की परीक्षा पास की हैं। आज वे एक आईएएस ऑफिसर के पद पर कार्य कर रहे हैं। उनके लिए आईएएस बनने तक का सफर काफी मुश्किल भरा था। यूपीएससी की तैयारी के ल

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
3 अप्रैल 2023, 04:26 PM IST (3 अप्रैल 2023) अपडेट: 25 अक्टूबर 2026, 02:34 PM IST
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Bihar IAS Officer Success Story: बिहार के गोपालगंज के रहने वाले प्रदीप सिंह ने दो बार यूपीएससी की परीक्षा पास की हैं। आज वे एक आईएएस ऑफिसर के पद पर कार्य कर रहे हैं। उनके लिए आईएएस बनने तक का सफर काफी मुश्किल भरा था। यूपीएससी की तैयारी के लिए उनका घर तक बिक गया था। उनकी मां को अपने गहने भी गिरवी रखने पड़े थे।

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आईएएस ऑफिसर प्रदीप सिंह मूल रूप से बिहार के गोपालगंज के रहने वाले हैं। प्रदीप ने शुरुआती पढ़ाई इंदौर से पूरी की थी। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं थी IPL 2023: ड्राइवर रातों-रात बना करोड़पति, 49 रुपये लगाकर जीत गया डेढ़ करोड़, जानिए पूरा मामलाऐसे में प्रदीप ने अपने परिवार को इस स्थिती से बाहर निकालने के लिए कक्षा 12वीं पास करते ही यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देने का निर्णय लिया।प्रदीप यूपीएससी की तैयारी कोचिंग के जरिए करना चाहते थे, लेकिन कि प्रदीप के पिता एक पेट्रोल पंप पर काम किया करते थे और उनकी इतनी सैलरी नहीं थी कि वे अपने बेटे को यूपीएससी की पढ़ाई के लिए दिल्ली भेज सकें।

Bihar IAS Officer Success Story: दो बार पास की परीक्षा

हालांकि, प्रदीप के पिता ने बेटे को अफसर बनाने के लिए दिल्ली भेजना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने अपना घर तक बेच डाला था। घर बेचने के बाद भी जब प्रदीप की तैयारी के दौरान उनके पैसे खत्म हो गए, तो उनकी मां ने अपने गहने गिरवी रख दिए थे। घर और मां-बार की ऐसी स्थिती देखकर प्रदीप ने ठान लिया था कि वे यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पहले अटेंप्ट में ही क्लियर कर डालेंगे। साल 2018 में प्रदीप ने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी, जिसमें उन्होंने ऑल इंडिया 93वीं रैंक हासिल की थी।

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वहीं, प्रदीप द्वारा हासिल की गई रैंक के मुताबिक उनकी नियुक्ति इंडियन रेवेन्यू सर्विस ( IRS) में की गई। प्रदीप का सपना IAS ऑफिसर बनने का था, इसलिए उन्होंने अपनी सर्विस से छुट्टी लेकर दोबारा परीक्षा की तैयारी की और इस बार ऑल इंडिया में 26वीं रैंक हासिल कर IAS ऑफिसर बन गए।