मीडिया दर्शन/औरंगाबाद: औरंगाबाद पुलिस ने लूट की कई वारदातों का खुलासा करते हुए तीन कथित शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने फेसर थाना क्षेत्र में सीएसपी संचालक को गोली मारकर लूटपाट करने और नगर थाना क्षेत्र में फायरिंग कर लूट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने इनके पास से दो देशी कट्टा, आठ जिंदा कारतूस, एक लैपटॉप, चार्जर, पांच मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, 52,235 रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने औरंगाबाद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई कई लूट की घटनाओं में अपनी संलिप्तता के संबंध में जानकारी दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी वारदात के बाद लगातार अपना ठिकाना बदलते थे और दो-तीन दिनों के अंतराल पर अलग-अलग इलाकों में लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे।
वाहन जांच के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े
पुलिस के मुताबिक, 27 सितंबर को नगर थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि करीब छह संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से औरंगाबाद शहर की ओर आ रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फार्म के पास वाहन जांच शुरू की।
इसी दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल सवारों की नजर पुलिस टीम पर पड़ी। पुलिस को देखते ही संदिग्ध भागने लगे। इसके बाद पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। पीछा करते हुए पुलिस ने पीपरहीत मोड़ से देव जाने वाली सड़क पर एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्धों को पकड़ लिया।
पुलिस ने जब तीनों की तलाशी ली तो उनके पास से हथियार और कारतूस समेत कई सामान बरामद हुए। इसके बाद तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
रोहतास के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहतास जिले के अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र निवासी विपुल कुमार (21), विशाल कुमार (22) और पंकज कुमार (20) के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके पास से दो देशी कट्टा और आठ जिंदा कारतूस के अलावा एक लैपटॉप, चार्जर, पांच मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड और 52,235 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाली एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
सीएसपी संचालक को गोली मारकर की थी लूट
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से फेसर थाना क्षेत्र में हुई लूट की एक महत्वपूर्ण घटना के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस का कहना है कि 24 सितंबर को फेसर थाना क्षेत्र के पिरौटा-बड़या रोड स्थित गहा पीपल पेड़ के पास आरोपियों ने सीएसपी संचालक को गोली मारकर घायल कर दिया था।
इसके बाद आरोपियों ने सीएसपी संचालक से उसका लैपटॉप, रुपये और मोबाइल फोन लूट लिया था। घटना के संबंध में फेसर थाना कांड संख्या 122/26 दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और घटना में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी जांच कर रही है।
अलग-अलग इलाकों में वारदात के बाद बदलते थे ठिकाना
पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आने की बात कही गई है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी दो-तीन दिनों के अंतराल पर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लूट की घटनाओं को अंजाम देते और इसके बाद स्थान बदल लेते थे।
पुलिस का कहना है कि इसी तरीके से आरोपियों ने औरंगाबाद के अलग-अलग इलाकों में लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब अन्य घटनाओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
नगर थाना में भी दर्ज हुआ मामला
इस कार्रवाई के बाद नगर थाना में कांड संख्या 636/26, दिनांक 27 सितंबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके आपराधिक इतिहास और पूर्व की घटनाओं में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों ने किन-किन थाना क्षेत्रों में वारदातों को अंजाम दिया और उनके साथ इस तरह की घटनाओं में और कौन-कौन लोग शामिल रहे हैं।
औरंगाबाद पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लूट की घटनाओं से जुड़े मामलों में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने बरामद हथियार, मोबाइल, नकदी और अन्य सामानों को जांच के दायरे में लेते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।