बिक्रमगंज( रोहतास)– शनिवार को बिक्रमगंज व्यवहार न्ययालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 771 मामले निबटाए गए। 3 करोड़ 3 लाख 14 हजार 813 रुपये की हुई समझौता।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार गठित 5 बेंचों में
विभिन्न तरह के आपराधिक मामले की संख्या-145, विद्युत-13, विभिन्न बैंको के 613 मामले निबटाए गए। जिससे 3 करोड़ 3 लाख 14 हजार 813 रुपये वसूली की हुई समझौता। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार 11 फरवरी2023 को व्यवहार न्यायालय बिक्रमगंज परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन प्रातः 10 बजे से किया गया । इस संबंध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रोहतास
सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार अरुण कुमार श्रीवास्तव द्वारा बिक्रमगंज न्याय मंडल में मामलों के निष्पादन हेतु कुल 5 न्यायिक
बेंचों का गठन किया गया था।
प्रथम बेंच में सुजीत कुमार अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तृतीय एवं अमित कुमार पैनल अधिवक्ता शामिल किए गए थे ।जिनके द्वारा अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी बिक्रमगंज कोर्ट का मामले देखने के साथ -साथ भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन बैंक, कैनारा बैंक, यूनियन बैंक, भूमि विकास बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य जो किसी अन्य न्यायिक पीठ में ना हो बैंकों के मामले को भी देखने का कार्य किए।
अंजलि नाग जेएम एवं पैनल अधिवक्ता दिनेश कुमार दिनकर द्वितीय न्याय पीठ में शामिल किए गए थे । जिनके द्वारा एसीजेएम प्रथम, द्वितीय, तृतीय कोर्ट का मामला देखने के साथ वन विभाग के मामलों को निपटाने का कार्य किया। साथ ही संतोष कुमार साह न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट के मामले का भी निपटाने में सहयोग किया। न्याय पीठ संख्या 3 में सुधीर कुमार न्यायिक दंडाधिकारी तथा दीपक कुमार पैनल अधिवक्ता शामिल किए गए थे। जिनके द्वारा अपने न्यायालय के सभी सुल्ह्निय मामलों के साथ सभी पंजाब नेशनल बैंक के मामलों को देखने का कार्य किया। चतुर्थ न्यायिक पीठ में अविनाश चंद्र न्यायिक दंडाधिकारी एवं मोहम्मद अली खान पैनल अधिवक्ता को शामिल किया गया था। जिनके द्वारा अपने न्यायालय के सभी सुल्ह्निय अपराधिक मामले एवं प्रभारी न्यायालय के मामलों के साथ लेबर एक्ट एवं ग्राम कचहरी के मामलों को देखा गया। बेंच 5 में आदित्य कुमार शर्मा न्यायिक दंडाधिकारी सम्मिलित किए गए थे जिनके द्वारा अपने न्यायालय के सुल्ह्निय अपराधिक मामलों के साथ दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के सभी मामलों को निष्पादित किया। शेष सभी अन्य मामलों को अंजलि नाग न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में देखने का कार्य किया। इस संबंध में प्रभारी लोक अदालत बिक्रमगंज द्वारा आदेश जारी किया गया था । न्यायिक पीठ को सहयोग करने तथा आम जनता को
सहायतार्थ 2 पारा विधिक स्वयंसेवकों रवि कुमार व रितेश कुमार की प्रतिनियुक्ति किया गया था। राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय पाने का सुगम व सरल माध्यम है। जिसमे दोनों पक्षों की पैसे की बचत, मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है तथा समय की होती है बचत। पूर्व के आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता एवं मुकदमों की काफी संख्या में निबटारे को देखते हुए समय -समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। मौके पर अधिवक्तागण, पीएलवी एवं अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।
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