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अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित बच्चों के लिए होगी नल के जल की व्यवस्था 

आरा। “जल ही जीवन है”, इस कहावत से सभी वाकिफ हैं। लेकिन अभी भी आम जनमानस को शुद्ध जल के लिए कहीं न कहीं संघर्ष करना पड़ता है। शुद्ध जल का सेवन कई प्रकार के संक्रमण एवं जल जनित रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है। बच्चों के लिए शुद्ध जल की उपलब्धत

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
23 मार्च 2022, 12:25 PM IST (23 मार्च 2022) अपडेट: 16 अक्टूबर 2026, 09:47 PM IST
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आरा। “जल ही जीवन है”, इस कहावत से सभी वाकिफ हैं। लेकिन अभी भी आम जनमानस को शुद्ध जल के लिए कहीं न कहीं संघर्ष करना पड़ता है। शुद्ध जल का सेवन कई प्रकार के संक्रमण एवं जल जनित रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है। बच्चों के लिए शुद्ध जल की उपलब्धता सबसे आवश्यक है क्यूंकि वे आसानी से संक्रमण के चपेट में आ सकते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर नल के शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आईसीडीएस के निदेशक, अलोक कुमार ने पत्र जारी कर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिया है कि वे सभी ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्र तक नल के पानी का कनेक्शन पहुंचाएं और इस कार्य को प्राथमिकता दें।
जारी पत्र में बताया गया है कि जिला परियोजना अंतर्गत नल का जल से आच्छादित केंद्रों का सत्यापन करते हुए नल का जल विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों में प्राथमिकता के आधार पर इसकी शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए तथा आईसीडीएस निदेशक के आंगन एप अंतर्गत एनआईसी के द्वारा निर्धारित मेन्यू में 24 घंटे के अंदर अपने परियोजना जिला से संबंधित आवश्यक सूचनाओं की प्रविष्टि करना सुनिश्चित किया जाये। मेन्यू के अनुसार पोषाहार वितरण के साथ ही संसाधनों की उपलब्धता तथा बच्चों की उपस्थिति की सीधी पड़ताल के लिए महत्वाकांक्षी आंगन एप को लांच किया गया है। इस एप के जरिए सीडीपीओ व महिला पर्यवेक्षिका बच्चों की उपस्थिति एवं संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को उपलब्ध कराती हैं। इस एप्लीकेशन के उपयोग से निरीक्षण प्रतिवेदन शीघ्र भेजा जा सकता है। केंद्रो से संबंधित सभी जानकारी संग्रह करते हुए व्यय भाउचर की भी प्रविष्टि भेजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आंगन एप्लीकेशन ऑफ लाइन मोड में भी काम करने में सक्षम है। केंद्र पर जाकर मोबाइल में मौजूद आंगन एप का निरीक्षण प्रतिवेदन खोलना है। इस निरीक्षण प्रतिवेदन में केंद्र खुला है या नहीं, अगर आंगनबाड़ी केंद्र खुला है तो उक्त केंद्र में कितने बच्चें नामांकित है और कितने बच्चे उपस्थित है। साथ ही साथ मीनू के अनुसार भोजन बना है या नहीं। केंद्र द्वारा दी जा रही सेवाओं का स्तर क्या है। पोषाहार वितरण के साथ ही संसाधनों की उपलब्धता तथा बच्चों की उपस्थिति की सीधी पड़ताल के लिए आंगन एप को इस्तेमाल किया जा रहा है। इस एप के जरिए सीडीपीओं व महिला पर्यवेक्षिका बच्चों की उपस्थिति एवं संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को उपलब्ध कराएगी।