आज की बदलती लाइफस्टाइल का असर अब भारतीय घरों के डिजाइन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। घर अब केवल रहने और सोने की जगह नहीं रह गए हैं, बल्कि एक ही जगह पर ऑफिस, वर्कआउट, आराम और मनोरंजन जैसी कई जरूरतें पूरी की जा रही हैं। Hindustan Times की 25 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, घरों के इस्तेमाल में बदलाव के कारण लोग ऐसे डिजाइन और मटेरियल पसंद कर रहे हैं जो आराम, टिकाऊपन और बेहतर उपयोगिता को साथ लेकर चलें।
वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड वर्किंग ने इस बदलाव को और तेज किया है। कई परिवार घर के किसी हिस्से को ऑफिस या स्टडी एरिया के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, फिटनेस को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण छोटे वर्कआउट कॉर्नर भी घरों का हिस्सा बन रहे हैं।
इंटीरियर में अब ऐसे फर्नीचर और स्पेस को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्हें जरूरत के हिसाब से बदला जा सके। उदाहरण के लिए, एक कमरा दिन में ऑफिस और शाम को रिलैक्सेशन एरिया की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। छोटे शहरों और अपार्टमेंट्स में यह ट्रेंड खास तौर पर उपयोगी साबित हो रहा है।
इसके साथ ही प्राकृतिक और टिकाऊ मटेरियल को लेकर भी दिलचस्पी बढ़ रही है। मिट्टी जैसे पारंपरिक मटेरियल से लेकर आधुनिक मल्टीफंक्शनल डिजाइन तक, लोग ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जो घर को खूबसूरत बनाने के साथ व्यावहारिक भी हों।
यानी आने वाले समय में घर का डिजाइन केवल खूबसूरती पर नहीं, बल्कि स्पेस के स्मार्ट इस्तेमाल और बदलती जरूरतों पर ज्यादा केंद्रित दिखाई दे सकता है।