कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से किसानों को निशुल्क जांच की सुविधा देने की घोषणा की गई थी। दोनों प्रयोगशालाएं मान्यता प्राप्त हैं, जहां किसान अपनी बागवानी उपज के अलावा मिट्टी और पानी के नमूनों की भी जांच करा सकते हैं।
प्रयोगशालाओं में 10 प्रमुख कीटनाशकों के अवशेषों का विश्लेषण किया जाएगा। इनमें मेट्रिब्यूज़िन, मेटालैक्सिल, क्लोरपाइरीफॉस, डाइकोफॉल, पेंडिमेथालिन, पेनकोनाज़ोल, प्रोफेनोफॉस, लैम्डा-साइहलोथ्रिन, परमेथ्रिन और डेल्टामेथ्रिन शामिल हैं।
पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी
निशुल्क जांच का लाभ लेने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण संबंधी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसके साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर पहचान पत्र में से किसी एक की जानकारी, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी प्रयोगशाला में देनी होगी।
नमूना संग्रह और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को कीटनाशकों के संतुलित और उचित इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना तथा कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाना है।