बेतिया/बगहा: बिहार के प्रसिद्ध वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में गंडक नदी की बाढ़ के कारण बंद पड़ा पर्यटन एक बार फिर शुरू हो गया है। क्षतिग्रस्त वन मार्गों की मरम्मत पूरी होने के बाद शनिवार से नए पर्यटन सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। वाल्मीकिनगर पर्यटन केंद्र से वरीय अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर सफारी वाहनों को जंगल की ओर रवाना किया।
पर्यटन शुरू होने के साथ ही प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है। पर्यटक अब जंगल के प्राकृतिक वातावरण के बीच सफारी का रोमांचक अनुभव ले सकेंगे।
नए सत्र के आगाज के साथ जंगल सफारी शुरू
गंडक नदी की बाढ़ के कारण VTR के कई वन मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके चलते कुछ समय के लिए पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी। अब वन मार्गों की आवश्यक मरम्मत पूरी होने के बाद सफारी को दोबारा सुचारू कर दिया गया है।
वाल्मीकिनगर पर्यटन केंद्र से सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जंगल के लिए रवाना किया गया। सफारी शुरू होते ही पर्यटक जंगल की हरियाली, प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए जंगल में प्रवेश कर चुके हैं।
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम
VTR प्रशासन की ओर से पर्यटकों के स्वागत, ठहरने और सुरक्षा को लेकर आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा ने बताया कि पर्यटन केंद्रों को खोलने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
पर्यटकों की सहायता और सुरक्षा के लिए नेचर गाइड, टूरिस्ट गाइड, सफारी चालक, वनपाल और वनरक्षियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों का उद्देश्य जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है।
नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ VTR में एक बार फिर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। जंगल सफारी के शुरू होने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।