राजनीति को सबसे अधिक अनिश्चितताओं का खेल इसी वजह से कहा जाता है कि इसमें कब और कैसी तस्वीर सामने आ जाए इसके बारे में पहले से अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है। मसलन यह कल्पना करना भी मुश्किल है कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी भाजपा के किसी नेता की सार्वजनिक मंच से जमकर तारीफ कर सकते हैं और उन्हें अपना अभिभावक भी बता सकते हैं। लेकिन असंभव सरीखी महसूस होनेवाली यह बात रोहतास में सच साबित हुई जहां केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रोहतास जिले की सोन नदी पर बनने जा रहे पुल का शिलान्यास किया। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान दोनों ने नेता एक-दूसरे की जमकर तारीफ करते और सम्मान देते नजर आए।
उपमुख्यमंत्री यादव ने कहा, हम हमारे अभिभावक नितिन गडकरी जी का तहे दिल से स्वागत करते हैं। तेजस्वी ने यह भी बताया कि नितिन गडकरी प्रगतिशील नेता और मंत्री हैं। विकास के मामले में वे पार्टी नहीं देखते हैं, लोगों को देखते हैं, देश को देखते हैं। तेजस्वी ने आगे कहा, नितिन गडकरी ऐसे मंत्री हैं जो राजनीति और पार्टी से ऊपर उठकर काम करते हैं। उनकी प्राथमिकता देश और राज्यों का विकास है। सबको मिलकर काम करना है। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि काम करने वाले का गुणगान हर जगह होता है, चाहे उसकी विचारधारा कुछ भी हो। इनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है।

उपमुख्यमंत्री यादव ने याद करते हुए कहा कि जब हम पहली बार उपमुख्यमंत्री बने थे, तब हमारे पास पथ निर्माण विभाग भी था। भले ही हम दोनों अलग-अलग पार्टी के थे, उनसे जब हम मिले और बैठक हुई, तो वह बहुत फलदायक साबित हुई। राजद नेता ने आगे कहा कि जनता चाहती है कि उसके प्रति काम हो, मंत्री उसके राज्य को आगे बढ़ाए। हमें विश्वास है कि जो मांग हम आपके सामने रखेंगे, वो आप पूरा करेंगे। हम चाहते हैं कि केंद्र के और मंत्री भी इनकी तरह हों। वहीं नितिन गडकरी ने भी तेजस्वी से राज्य के विकास की उम्मीद जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को मिलकर राज्य का विकास करना है। गडकरी ने कहा, यह पुल तो बन गया है। इसे 4 लेन के महामार्ग से जोड़ना चाहता हूं। इसमें बीच में जंगल भी है। इसे मंजूरी दिलाने में सहयोग कीजिए। मैं इसे राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ दूंगा। तेजस्वी को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, बिहार में जलमार्ग की भी बहुत संभावना है। आप सड़कों की योजनाएं लेकर आएं, सभी को पूरा किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि रोहतास जिले की सोन नदी पर बनने जा रहे पुल से अब झारखंड और नोहट्टा की दूरी 100 किलोमीटर की जगह मात्र दो किलोमीटर रह जाएगी।
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