शनिवार, 19 सितंबर 2026 राँची 29°C
सत्य, निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता - देश का विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल
Media Darshan
ब्रेकिंग न्यूज़
बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •   बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •  

‘परिवारवाद की राह पर नीतीश’: प्रशांत किशोर का हमला, निशांत की एंट्री पर उठाए सवाल

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें परिवारवाद का राह पर चलने वाला नेता करार दिया है। उन्होंने कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
26 मार्च 2026, 01:59 AM (26 मार्च 2026) 125 व्यूज
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें परिवारवाद का राह पर चलने वाला नेता करार दिया है। उन्होंने कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर दोबारा काबिज होना और अपने बेटे Nishant Kumar को सक्रिय राजनीति में आगे लाना, उनके अब तक के ‘ऊंचे आदर्शों’ से अलग कदम है। (प्रशांत किशोर का हमला)

मुंगेर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय तक खुद को सिद्धांतवादी राजनीति का चेहरा बताते रहे, लेकिन अब उनका यह दावा कमजोर पड़ता दिख रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार में जो भी नेता पार्टी बनाता है, वही अंततः उसे अपने परिवार तक सीमित कर देता है और उत्तराधिकारी के रूप में अपने बेटे को आगे बढ़ाता है। उनके मुताबिक अब जदयू भी इस प्रवृत्ति से अछूता नहीं रहा।

प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार अब उन नेताओं से अलग नहीं रहे, जिन पर वे पहले परिवारवाद का आरोप लगाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीति को निजी विरासत बनाने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए सही नहीं है और इससे संगठन की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।

क्या दबाव में राज्यसभा जा रहे हैं नीतीश? तेजस्वी के आरोपों पर सियासी बहस तेज

बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर पूछे गए सवाल पर भी पीके ने कटाक्ष किया। उन्होंने परोक्ष रूप से केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आने वाला नेतृत्व राज्य के बजाय अन्य राज्यों के हितों को प्राथमिकता दे सकता है। उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

इधर पटना में निशांत कुमार ने अपने पिता के दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर जदयू कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वे संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे और नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक अनुभव और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

फिलहाल, प्रशांत किशोर के इस बयान ने बिहार की राजनीति में परिवारवाद बनाम सिद्धांत की बहस को फिर से तेज कर दिया है। आने वाले समय में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

SUBSCRIBE OUR CHANNEL :- MEDIA DARSHAN

पाठकों की प्रतिक्रियाएं (0)

अपनी राय साझा करें

इस खबर पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली प्रतिक्रिया आप दें!