साहेबपुरकमाल : यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि सूबे में भूमि विवाद के बढ़ रहे मामलों के लिए अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी ही प्रत्यक्ष रूप से दोषी हैं।उनकी शिथिलता और अकर्मण्यता की वजह से जहां एक तरफ भू-माफियाओं का मनोबल चरम पर है वहीं वास्तविक लाभुक अपने हक के लिए दफ्तरों का चक्कर लगाने को विवश है।साहेबपुरकमाल प्रखंड के सनहा पश्चिम पंचायत की मुखिया पूनम देवी के द्वारा स्थानीय सीओ को दिए आवेदन में वर्णित तथ्यों पर गौर करें तो इसमें कोई दो राय नहीं है कि ठाकुरबाड़ी राधाकृष्ण मंदिर की संपत्ति के अतिक्रमणकारियों को सीओ का वरदहस्त प्राप्त है अन्यथा अब तक प्रभावी कार्रवाई जरूर होती और ग्रामीणों का आक्रोश और असंतोष चरम पर नहीं होता।(ठाकुरबाड़ी की संपत्ति बेचने ठाकुरबाड़ी की संपत्ति बेचने)
धार्मिक संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त करने में शिथिलता बरत रहे हैं साहेबपुरकमाल सीओ
मुखिया ने सीओ को दिए आवेदन में धार्मिक संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त करने में शिथिलता बरतने का आरोप चस्पा करते हुए धार्मिक न्यास बोर्ड बिहार सरकार के द्वारा निर्गत आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।मुखिया ने बताया कि खाता संख्या 346,खेसरा 3563,तौजी 781,रकबा 0-4-14-0,मौजे सनहा,थाना संख्या 625 के ठाकुरबाड़ी की जमीन को भू-माफियाओं के द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया है जिसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।इसके बावजूद किसी भी तरह की प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश और असंतोष चरम पर है।उन्होंने ठाकुरबाड़ी राधाकृष्ण महाराज मंदिर को अतिक्रमणमुक्त करवाने में हो रहे विलम्ब पर खेद प्रकट करते हुए अविलंब निष्पादन हेतु आग्रह किया है।
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