चोरी से आहत महिलाओं ने पुलिस को दिया 15 दिन का समय, कहा- नहीं तो सड़क पर उतरकर करेंगे आंदोलन
औरंगाबाद: शहर के विभिन्न मोहल्लों में लगातार चोरी की घटनाएं घट रही है। लेकिन जब इसका उद्भेदन नहीं हुआ तो घर की चूल्हा चौकी छोड़ कर अब महिलाएं सड़क पर उतर कर पुलिस को आंदोलन करने की चेतावनी दे दी है। जहां, पुलिस को 15 दिनों का समय दिया है।
चित्र: Media Darshan फ़ोटो / विशेष संवाददाता | प्रतीकात्मक
औरंगाबाद: शहर के विभिन्न मोहल्लों में लगातार चोरी की घटनाएं घट रही है। लेकिन जब इसका उद्भेदन नहीं हुआ तो घर की चूल्हा चौकी छोड़ कर अब महिलाएं सड़क पर उतर कर पुलिस को आंदोलन करने की चेतावनी दे दी है। जहां, पुलिस को 15 दिनों का समय दिया है। इसको लेकर महिलाओं ने शहर के न्यू एरिया के वार्ड नम्बर पांच में एक सेवानिवृत दारोगा राम कुमार सिंह के आवास पर प्रेसवार्ता कर मीडिया से अपनी समस्या साझा किया। इस प्रेसवार्ता में अधिकतर महिलाएं वही थी, जिनके घर में चोरी हो चुकी थी और पुलिस को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के बाद भी घटना का उद्भेदन नहीं हो सका। प्रेसवार्ता में मौजूद अमृता सिंह जिनके घर 29 जुलाई को चोरों ने उत्पात मचाया था और लाखों के जेवर एवं नगद राशि की चोरी कर ली। वही, क्षत्रिय नगर की संगीता देवी के घर 30 अगस्त, प्रभावती देवी 22 अगस्त, साधना सिंह अप्रैल 2022 को चोरों ने लाखों रुपए के गहने एवं बहुमूल्य सामग्रियों की चोरी कर ली गई।
जबकि अगस्त माह में दो दिन पूर्व दिन दहाड़े अपराधियों ने घर के समीप ही सोने का चेन छीन लिया था। महिलाओं ने बताया कि इस मामले को लेकर उनके पतियों द्वारा पुलिस प्रशासन की खूब जी हुजुरी की गई, लेकिन कारवाई जीरो रही। उल्टे पुलिस यह कहती है कि घर में इतना सामान क्यों रखते हैं। महिलाओं ने मीडिया के माध्यम से पुलिस से गुहार लगाया है कि पुलिस आकर उनकी सामग्रियों ले ले सभी महिलाएं अपनी सामग्रियों को लिखित रूप में पुलिस थाने में रखना चाहती है। महिलाओं ने कहा कि पुलिस के द्वारा कहे गए इस बात से सभी आहत हैं। कल की तारीख में अगर बेटियों के साथ कोई घटना घटती है तो पुलिस यही कहेगी कि बेटी पैदा क्यों किए। महिलाओं ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि जिस जिले की एसपी महिला,एसडीपीओ महिला उस जिले में महिलाओं की समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। महिलाओं ने मीडिया के माध्यम से पुलिस को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है कि यदि इन 15 दिनों में सभी कांडों के उद्भेदन नहीं हुआ तो सभी महिलाएं सड़क पर उतरकर आंदोलन को मजबूर होंगी। महिलाओं ने सरकार से सवाल किया कि जिस देश में चोर बोलने पर कार्रवाई होती है, उस देश में चोरी की घटना पर कार्रवाई क्यों नहीं।
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