सासाराम: शहर में रोजाना लगने वाले जाम की समस्या से निपटने के लिए रोहतास जिला प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक श्री राज की उच्चस्तरीय बैठक में शहर के यातायात को व्यवस्थित करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
प्रशासन की योजना में अतिक्रमण हटाने से लेकर मुख्य सड़कों पर बस और ऑटो के अनियमित ठहराव पर रोक लगाने तक के कदम शामिल हैं। अधिकारियों का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाना और जाम की समस्या को नियंत्रित करना है।
अतिक्रमण हटाने के लिए बनेगा विशेष दस्ता
शहर में अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए विशेष अतिक्रमण दस्ता गठित करने का निर्देश दिया गया है। यह टीम अलग-अलग इलाकों में नियमित रूप से अतिक्रमण की निगरानी करेगी और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करेगी।
प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई से पहले संबंधित इलाकों में माइकिंग कर लोगों को अतिक्रमण खुद हटाने की सूचना दी जाएगी। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य मार्गों पर बस-ऑटो के ठहराव पर रोक
शहर के प्रमुख मार्गों पर बेतरतीब तरीके से बस और ऑटो खड़े करने को भी जाम की बड़ी वजह माना गया है। ऐसे में मुख्य रूटों पर इनके अनधिकृत ठहराव को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया है।
पोस्ट ऑफिस चौराहा समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष निगरानी की जाएगी।
यू-टर्न और चौराहों के आसपास हटेंगे अवैध ठेले
प्रशासन ने चौराहों और सड़क के यू-टर्न के आसपास लगने वाले अवैध ठेले और दुकानों को हटाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यू-टर्न और चौराहों के आसपास करीब 20 से 30 मीटर के दायरे में यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाएगी।
इसका उद्देश्य वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना और प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक की रफ्तार बनाए रखना है।
शहर में होगी नियमित निगरानी
यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए संबंधित अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस शहर के अलग-अलग हिस्सों में नियमित गश्त करेंगे। जाम वाले स्थानों की पहचान कर मौके पर आवश्यक कार्रवाई करने की व्यवस्था भी की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि यातायात व्यवस्था को केवल अस्थायी रूप से नियंत्रित करने के बजाय जाम की समस्या को लंबे समय के लिए कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अब देखना होगा कि इन फैसलों को जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है और सासाराम के प्रमुख चौराहों व सड़कों पर इसका कितना असर दिखाई देता है।