मीडिया दर्शन/बेतिया: पश्चिमी चंपारण में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटबंधों की सुरक्षा और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन ने अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया और जल निःसरण विभाग के सहायक अभियंता के साथ बैरिया प्रखंड स्थित पीडी रिंग बांध के 1.5 किलोमीटर क्षेत्र तथा नौतन प्रखंड में चंपारण तटबंध के 57.75 किलोमीटर हिस्से का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तटबंधों की स्थिति, जलस्तर और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर मौजूद अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने तथा जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव पर नजर रखने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों को खास तौर पर संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान संबंधित क्षेत्रों में जलस्तर फिलहाल सुरक्षित स्तर पर पाया गया है। जल निःसरण विभाग और जिला प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
जलजमाव वाले क्षेत्रों से परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
गंडक बराज से छोड़े गए पानी के कारण भेड़िहरी गांव के बंगाली कॉलोनी और रोहुआ टोला में जलजमाव की स्थिति बनी है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
अपर समाहर्ता, पश्चिमी चंपारण राजीव रंजन सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा चांदनी कुमारी, अंचल अधिकारी वसीम अकरम और एसएसबी 21वीं बटालियन के कमांडेंट तपेश्वर संवित राउत के नेतृत्व में प्रभावित लोगों को भेड़िहरी स्थित उच्च विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाया जा रहा है।
राहत शिविर में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, आवश्यक सामग्री और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन और संबंधित टीमें लोगों की सुरक्षा तथा जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार सक्रिय हैं।