मीडिया दर्शन/वाल्मीकिनगर: पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में तिरहुत कैनाल के बांध पर अतिक्रमण हटाने का अभियान बुधवार दोपहर से शुरू किया गया। जिला प्रशासन और क्विक रिस्पांस टीम की मौजूदगी में सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई।
बताया गया कि तिरहुत नहर के बांध की भूमि पर कई लोग लंबे समय से घर बनाकर रह रहे थे। जल संसाधन विभाग की ओर से पूर्व में संबंधित लोगों को तीन बार नोटिस देकर चिन्हित भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया था।
तिरहुत नहर अवर प्रमंडल, बगहा के अवर प्रमंडल पदाधिकारी के पत्र के अनुसार मुख्य तिरहुत नहर के संबंधित हिस्से में नहर बांध की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए निर्धारित समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो गई थी। इसके अगले दिन प्रशासन की मौजूदगी में अभियान शुरू किया गया।
173 घर किए गए हैं चिह्नित
अंचलाधिकारी बगहा-2 वसीम अकरम ने बताया कि तिरहुत बांध पर कुल 173 घरों को अतिक्रमण की कार्रवाई के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें करीब 55 घर ऐसे परिवारों के हैं, जिन्हें प्रशासन के अनुसार भूमिहीन बताया गया है।
सीओ के मुताबिक, इन परिवारों को फिलहाल राहत देते हुए तत्काल नहीं हटाया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से इन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
माइकिंग के बाद शुरू हुई कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने से पहले प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में माइकिंग कर लोगों को स्वयं स्थान खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद बुधवार दोपहर से अभियान शुरू किया गया।
फिलहाल गंडक बराज से तीन आरडी पुल तक सरकारी भूमि पर किए गए चिन्हित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। समाचार प्रेषण तक अभियान जारी था।
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
अभियान के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की। मौके पर आरओ सह दंडाधिकारी रवि प्रकाश चौधरी, सीओ बगहा-2 वसीम अकरम, राजस्व कर्मचारी सुदर्शन कुमार, वाल्मीकिनगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार समेत जल संसाधन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इसके अलावा एसएसबी 21वीं वाहिनी गंडक बराज के कंपनी कमांडर लोकेश कुमार बनिया, तिरहुत नहर के सहायक अभियंता सालिक फरीदी, कनीय अभियंता वृद्धवज सरकार, पुलिस पदाधिकारी और अंचल अमीन सहित अन्य कर्मी अभियान में शामिल रहे।
प्रशासन के अनुसार, अभियान के दौरान चिह्नित सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी।