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सासाराम : टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान को सफल बनाने में जुटा रोहतास यक्ष्मा केंद्र जिले में 1350 टीबी संक्रमित मरीज इलाजरत

सासाराम : 2025 तक देश से टीबी बीमारी को मिटाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा टीबी हारेगा देश जीतेगा  अभियान चलाया जा  रहा  है। अभियान के तहत लोगों को टीबी बीमारी के  लक्षण और बचाव का उपाय  बताया जा रहा है । इधर रोहतास जिले में भी टीबी बीमारी क

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
4 सितंबर 2022, 11:24 AM IST (4 सितंबर 2022) अपडेट: 16 अक्टूबर 2026, 10:44 PM IST
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सासाराम : 2025 तक देश से टीबी बीमारी को मिटाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा टीबी हारेगा देश जीतेगा  अभियान चलाया जा  रहा  है। अभियान के तहत लोगों को टीबी बीमारी के  लक्षण और बचाव का उपाय  बताया जा रहा है । इधर रोहतास जिले में भी टीबी बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र  लगातार  प्रयासरत है। जिला यक्ष्मा केंद्र  से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अभी 1350 टीबी मरीज इलाजरत हैं।  पिछले सात महीनों में जिले में कुल 3410 लोगों की जांच की गई है ।  इस दौरान 919 लोग टीबी के लक्षण वाले  मरीज पाए गए हैं । जिसमें  जनवरी में 135, फरवरी में 116, मार्च में 144, अप्रैल में 141, मई में 168, जून में 166 एवं जुलाई में 49 टीबी के नए लक्षण वाले  मामले सामने आए थे।(टीबी हारेगा देश जीतेगा)
 इलाजरत को मिलती है प्रतिमाह 500 रुपये की पोषण राशि
टीबी से ग्रसित मरीजों को उचित दवा एवं पौष्टिक आहार न मिलने के कारण मृत्यु होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में  निक्षय पोषण योजना की शुरुआत की गई। , जिसके  तहत  टीबी बीमारी से पीड़ित मरीजों को प्रति माह 500 रुपये  पौष्टिक आहार के लिए आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि वैसे टीबी  मरीजों को दी जाती है जिन का इलाज देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में चल रहा हो। उक्त मरीज को उसी अस्पताल से सहायता राशि प्रदान की जाती है जहां इलाज के लिए पंजीकृत कराया गया हो। यह राशि लगातार छ: महीने तक उक्त मरीज के अकाउंट में डायरेक्ट क्रेडिट किए जाते हैं, ताकि उस पैसे से वह मरीज पौष्टिक आहार ले सके। ,  क्योंकि टीबी मरीजों के लिए जितनी आवश्यकता दवाइयों की होती है उतनी ही जरूरत पौष्टिक आहार की होती है। इस कारण निक्षय पोषण योजना की शुरुआत की गई । ताकि टीवी से मरने वाले लोगों की संख्या में कमी आए।(टीबी हारेगा देश जीतेगा)

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लक्षण दिखने पर कराए जांच: सीडीओ
संचारी रोग सह यक्ष्मा नोडल पदाधिकारी डॉ  राकेश कुमार ने कहा कि यदि टीबी की पहचान समय से हो जाए तो उसका पूर्ण इलाज संभव है। इसके लिए टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं। उन्होंने बताया कि 2 हफ्ते से अधिक खांसी की शिकायत हो, वजन का घटना, सोते समय पसीना आना, जैसा लक्षण दिखाई दे तो टीबी जांच जरूर करवाएं। टीबी को लेकर सरकार लगातार अभियान चला रही है और इसके लिए टीबी पीड़ित मरीजों को निःशुल्क  जांच के साथ-साथ दवा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही प्रतिमाह 500 रुपये भी पौष्टिक आहार के लिए दिए जाते हैं। 5 महीनों से तकनीकी समस्या  की वजह से पौष्टिक आहार के लिए राशि नहीं दी जा रही थी , परंतु अब सितंबर महीने से बकाया राशि के साथ-साथ नए लोगों की भी राशि प्रदान की जाएगी।(टीबी हारेगा देश जीतेगा)