मीडिया दर्शन/सासाराम: बिहार में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने सासाराम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया। प्रखंड अध्यक्ष मो. सद्दाम राजा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सासाराम में न्यायिक हिरासत के दौरान अमरजीत कुमार की मौत और जमुई की हालिया घटना का हवाला देते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जमुई में 19 सितंबर को एक नाबालिग लड़की और उसके साथ मौजूद एक लड़के के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
सरकार से जवाब मांगने का दावा
प्रदर्शन में शामिल राजद कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के पुराने सार्वजनिक बयान का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल किए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जमुई जैसी घटनाओं के बाद सरकार को राज्य में महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जवाब देना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जमुई मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि किसी आपराधिक मामले को जातीय आधार पर राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अपराध के लिए संबंधित व्यक्ति जिम्मेदार होता है, किसी पूरी जाति या समुदाय को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
जमुई की घटना को लेकर बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई है। विपक्ष की ओर से सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना के संदर्भ में प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई का उल्लेख किया है।
ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में राजद के निवर्तमान जिलाध्यक्ष रामचंद्र ठाकुर, प्रधान महासचिव राजीव रंजन यादव, सलाम बेग, युवा राजद के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शिवन्त कुशवाहा, युवा प्रदेश सचिव अरविंद यादव, सासाराम विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सत्येंद्र शाह, कुमार विजेता, बिमल सिंह, विद्यासागर यादव, बीरेन्द्र समाजवादी, विनय यादव, अजय यादव, सत्यजीत यादव, रविकांत यादव, विनय गोस्वामी और दीपू यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजद कार्यकर्ताओं ने सरकार से कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।