शनिवार, 19 सितंबर 2026 राँची 29°C
सत्य, निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता - देश का विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल
Media Darshan
ब्रेकिंग न्यूज़
बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •   बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •  

आरा में राइस मिल संचालकों ने शुरू किया है अनिश्चितकालीन आंदोलन

आरा ब्यूरो। बैंक से 2 से 3 करोड़ रूपए लोन लेकर आरा में कई युवाओं ने राइस मिल की स्थापना की सरकार की नीति नियम के तहत उन्हें भरोसा था कि वे अपने लोन को तो समय पर चुकता ही नही करेंगे बल्कि स्थानीय स्तर पर कई लोगों को रोजगार देंगे सब कुछ सामान

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
2 फरवरी 2023, 09:02 AM (2 फरवरी 2023) 375 व्यूज
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

आरा ब्यूरो। बैंक से 2 से 3 करोड़ रूपए लोन लेकर आरा में कई युवाओं ने राइस मिल की स्थापना की सरकार की नीति नियम के तहत उन्हें भरोसा था कि वे अपने लोन को तो समय पर चुकता ही नही करेंगे बल्कि स्थानीय स्तर पर कई लोगों को रोजगार देंगे सब कुछ सामान्य चल रहा था इसी बीच सरकार ने आरा समेत पूरे बिहार में राइस मिलों को अरवा चावल के निर्माण पर रोक लगा दिया बाद में हो-हल्ला होने पर आरा को छोड़कर बाकी जगह के लिए आदेश निकला कि राइस मिल प्रबंधक अरवा चावल का भी उत्पादन करेंगे पर आरा के जिलाधिकारी ने सरकार को गलत सूचना देकर आरा के राइस मिलों में अरवा चावल के निर्माण पर रोक लगा दी अब स्थिति यह है कि जो राइस मिल के संचालक है घाटे में जा रहे हैं उन्हें डर सता रहा है कि समय पर नहीं लोन लौटाएंगे तो जेल की हवा खानी पड़ेगी बिहार में बाहर के राज्यों से उसना अरवा चावल आ रहा है सरकार भी बांटने के लिए पंजाब से थोक में अरवा चावल मांगा रही है। इसी मुद्दे को लेकर 1फरवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू हो चुका है यह अपने आप में एक ऐसा जन आंदोलन है जो सरकार के नीति नियम के तहत ही एक आला अधिकारी की गलत बयानी के कारण हजारों लोगों को भुखमरी के कगार पर पहुंचाने वाले काले कानून के विरोध में होगा

पाठकों की प्रतिक्रियाएं (0)

अपनी राय साझा करें

इस खबर पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली प्रतिक्रिया आप दें!