सोमवार, 21 सितंबर 2026 राँची 29°C
सत्य, निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता - देश का विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल
Media Darshan
ब्रेकिंग न्यूज़
बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •   बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •  

पटना के अनुग्रह नारायण महाविद्यालय में आयोजित हुआ व्याख्यान

पटना। बिहार के प्रतिष्ठित पटना में अवस्थित अनुग्रह नारायण महाविद्यालय सभागार में राष्ट्रीय स्तर के व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें बतौर स्पीकर प्रोफेसर धनंजय सिंह सेंटर ऑफ इंग्लिश स्टडीज जेएनयू सह मेंबर सेक्रेट्री आईसीएसएसआर ने इंडियन नॉ

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
2 फरवरी 2023, 09:30 AM (2 फरवरी 2023) 154 व्यूज
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

पटना। बिहार के प्रतिष्ठित पटना में अवस्थित अनुग्रह नारायण महाविद्यालय सभागार में राष्ट्रीय स्तर के व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें बतौर स्पीकर प्रोफेसर धनंजय सिंह सेंटर ऑफ इंग्लिश स्टडीज जेएनयू सह मेंबर सेक्रेट्री आईसीएसएसआर ने इंडियन नॉलेज सिस्टम फॉर कंटेंपरेरी टाइम्स पर अपना व्याख्यान दिया । अपने व्याख्यान के दौरान प्रोफ़ेसर धनंजय सिंह ने इंडिया नॉलेज सिस्टम पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि आधुनिक शिक्षा पद्धति कहीं ना कहीं हमारे उसी सिस्टम का अंग है। आयोजित व्याख्यान की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शशि प्रताप शाही ने की आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉक्टर शशी प्रताप शाही ने अपने अभिभाषण के दौरान कहा कि शिक्षा समाज को सुदृढ़ करने का सबसे मजबूत हथियार है

भारतीय शिक्षा पद्धति सबको समान रूप से जागृत करता है हमारे यहां गुरुकुल की परंपरा रही है साथ ही साथ हमारे यहां हजारों साल पहले जो ज्योतिषीय गणना वेद कठोपनिषद लिखे गए उनकी आज वैज्ञानिक गणना के आधार पर प्रामाणिकता सिद्ध की जा रही है उन्होंने कहा कि आज दुनिया जिस सिस्टम पर है हमारे पूर्वजों ने हजारों साल पहले उस सिस्टम को लिख दिया था इससे समझ सकते हैं कि भारतीय शिक्षा पद्धति कितनी मजबूत थी। आयोजित व्याख्यान को डॉ शैलेश कुमार सिंह समेत कई ख्याति प्राप्त शिक्षाविदों ने भी संबोधित किया कॉलेज प्रबंधन समिति की तरफ से आगत अतिथियों को पुष्पगुच्छ स्मृति चिन्ह तथा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

पाठकों की प्रतिक्रियाएं (0)

अपनी राय साझा करें

इस खबर पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली प्रतिक्रिया आप दें!