सासाराम। जिले के करगहर विधानसभा से कांग्रेस विधायक संतोष कुमार मिश्रा ने शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर से माफी मांगने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस उन जैसे लोगों के लिए कानून की किताब की तरह है। कांग्रेस विधायक ने रामचरित मानस पर शिक्षा मंत्री के बयान की निंदा करते हुए कहा की शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर को इस मामले में अपनी बात वापस लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांग लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत बयान नहीं है बल्कि उनके पार्टी का भी यही स्टैंड है। वे शिक्षा मंत्री के बयान से सहमत नहीं है और उस पर पूरी तरह से खुलकर अपनी असहमति व्यक्त करते हैं। उन्होंने करगहर में कहा कि जिस कालखंड में गोस्वामी तुलसीदास ने इस पवित्र धर्म-ग्रंथ की रचना की। उस कालखंड का संदर्भ क्या था? सामाजिक परिवेश कैसी थी ? जिसको देखते हुए रामचरित मानस की रचना की गई थी। उस परिस्थिति और संदर्भ को भी उन्हें देखना चाहिए। उन्होंने मंत्री के बयान से पूरी तरह से असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनका तथा उनके पार्टी का स्टैंड है। मंत्री से आग्रह है कि वह इस मामले में अपनी बात वापस लेकर माफी मांग लें। बता दें कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ करार दिया था। जिसके बाद पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
रामचरितमानस विवाद पर कांग्रेस विधायक ने शिक्षा मंत्री को दी माफी मांगने की नसीहत
सासाराम। जिले के करगहर विधानसभा से कांग्रेस विधायक संतोष कुमार मिश्रा ने शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर से माफी मांगने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस उन जैसे लोगों के लिए कानून की किताब की तरह है। कांग्रेस विधायक ने रामचरित मान