मीडिया दर्शन/बेगूसराय: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर बेगूसराय में उनके नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय, बेगूसराय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। विश्वविद्यालय की स्थापना के क्रम में पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रावधान किया गया है।
इससे पहले 19 जुलाई 2026 को बेगूसराय में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रकवि दिनकर की जन्मभूमि पर उनके नाम से विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रस्तावित विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा, शोध, साहित्य और भारतीय चिंतन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही गई थी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शुरुआती स्तर पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रावधान किया गया है।
बेगूसराय में दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग लंबे समय से उठती रही है। अब राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद इस दिशा में औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
दिनकर की जन्मभूमि में बनेगा विश्वविद्यालय
रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बेगूसराय जिले के सिमरिया में हुआ था। प्रस्तावित विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा। सरकार की ओर से जुलाई में की गई घोषणा के मुताबिक, विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा और शोध के साथ साहित्य तथा भारतीय चिंतन से जोड़ने की योजना बताई गई थी।
विश्वविद्यालय की स्थापना से बेगूसराय और आसपास के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक नया संस्थान जुड़ सकता है। हालांकि विश्वविद्यालय का विस्तृत ढांचा, पाठ्यक्रम, संचालन व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक विवरण आगे जारी होने वाली अधिसूचनाओं के बाद स्पष्ट होंगे।
दिनकर जयंती के मौके पर मिली कैबिनेट मंजूरी को बेगूसराय में उच्च शिक्षा के विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।