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संभल जाइए हुआ चेक बाउंस तो जाएंगे जेल साथ ही जुर्माना भी

औरंगाबाद : व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद से चेक वाउंस के एक केस  में व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के एसीजेएम वन सौरभ सिंह ने एन आई एक्ट के परिवाद संख्या-1126/2013 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त रामकुमार सिंह मुख्तारपुर ओबरा को दो साल की सज

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
8 सितंबर 2023, 08:25 PM IST (8 सितंबर 2023) अपडेट: 16 अक्टूबर 2026, 02:34 PM IST
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औरंगाबाद : व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद से चेक वाउंस के एक केस  में व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के एसीजेएम वन सौरभ सिंह ने एन आई एक्ट के परिवाद संख्या-1126/2013 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त रामकुमार सिंह मुख्तारपुर ओबरा को दो साल की सज़ा और बीस लाख जूर्माना लगाया है, अधिवक्ता ने बताया कि अभियोगी श्रीरामकृष्णा सिंह रामविलास नगर भरथौली ने परिवाद में कहा है कि रामकुमार सिंह द्वारा प्राप्त चेक एच डी एफ सी बैंक में 30/10/13 को निरादर हुआ था,इस घटना से छः माह पहले रामकुमार सिंह ने अभियोगी से 12 लाख 93 हजार 4 सौ ऋण लिया था,

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वापसी मांगने पर 25/10/13 को चेक दिया,29/10/13 को चेक बैंक में जमा किया, बैंक से 30 /10/13 को चेक यह कहते हुए वापस हुआ कि पर्याप्त राशि नहीं है हस्ताक्षर मिलान में भी अंतर है,04/11/13 को छल धोखा, नुकसान के लिए वकालत नोटिस भेजा, फिर थाना में आवेदन दिया, तत्पश्चात न्यायालय में परिवाद दायर किया, अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि चेक वाउंस के केस लोक अदालत में सुलहनिय है। अभियुक्त वाद के किसी भी स्टेज पर,गैर जमानती वारंट जारी होने पर भी अभियोगी से सुलह कर लोक अदालत में वाद को हमेशा के लिए समाप्त कर सकते थे,अब राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में चेक वाउंस के वादों का निष्पादन होता है।