किसी कार्यक्रम के मंच पर केन्द्रीय मंत्री को बोलने के लिए सिर्फ दो मिनट का समय दिया जाए और उसमें भी वह जब बोलने के लिए खड़ें हों तो उनका माइक ही काम ना करे। ऐसी स्थिति में गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचना स्वाभाविक ही है। यह स्थिति हुई है केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की। अश्विनी चौबे बिहार के बक्सर जिले में सनातन संस्कृति समागम कार्यक्रम में हिस्सा लेने गये हुए थे। अव्वल तो सिर्फ दो मिनट का समय दिया गया उन्हें बोलेन के लिए और जैसे ही उन्होंने मंच पर खड़े होकर अपनी बात रखनी शुरू की तो पता चला कि उनका माइक ही काम नहीं कर रहा था। नतीजन अमूमन बेहद शांत और प्रसन्नचित्त रहने वाले अश्विनी चौबे का गुस्सा देखने लायक था। उन्होंने मंच पर ही माइक तोड़ना शुरू कर दिया। हालांकि आयोजकों ने मंत्रीजी को मनाने, समझाने और उनके गुस्से को शांत करने की भरसक कोशिश की। उन्हें बोलने के लिए दूसरा माइक देने का भी प्रयास हुआ लेकिन उन्होंने माइक देने वाले को गुस्से में धक्का भी दे दिया।
दरअसल हुआ यूं कि केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री अश्विनी चौबे बीते शनिवार को बिहार के बक्सर जिले में व्यापक पैमाने पर आयोजित हो रहे सनातन संस्कृति समागम कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये हुए थे। जब वह वहां पर मौजूद जनसमूह को संबोधित करने जा रहे थे तो उनके माइक से आवाज आनी बंद हो गई। बस इसी बात पर वह गुस्सा हो गये और उन्होंने गुस्से में अपना आपा खो दिया। क्रोध के अतिरेक में मंत्रीजी ने वहां पर रखे माइक को गुस्से में तोड़ने की कोशिश की। यहां तक कि दूसरा माइक दिये जाने पर उन्होंने मंच पर खड़े आर्गनाइजर को ही धक्का दे दिया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के आपा खोने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। पूरे वाकये को लेकर प्राप्त जानकारी के मुताबिक श्री राम कर्मभूमि न्यास के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे को बोलने के लिए दो मिनट का समय दिया गया था लेकिन जैसे ही वह मंच पर पहुंचे तो उनके माइक ने काम नहीं किया। लेकिन इसी बात पर गुस्सा निकालते हुए उन्होंने वहां मौजूद शख्स को डांटते हुए धक्का दे दिया।
उल्लेखनीय है कि बक्सर स्थित अहिल्या की उद्धार स्थली अहरौली में हो रहे सनातन संस्कृति समागम पर पूरे देश की ही नहीं बल्कि दुनिया भर में रह रहे सनातनियों की निगाहें टिकी हुई हैं। आगामी 15 नवंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम की दिव्यता, भव्यता और अलौकिकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें नौ राज्यों के मुख्यमंत्री और और पांच राज्यों के राज्यपाल के अलावा दो राज्यों के उप मुख्यमंत्री और कई केन्द्रीय मंत्रियों व विभिन्न राज्यों के मंत्रियों के अलावा सैकड़ों की तादाद में सांसदों, विधायकों व अन्य जन प्रतिनिधियों आगमन हो रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आगामी 14 नवंबर को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे जबकि 15 नवंबर को कार्यक्रम के अंतिम दिन उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी आगमन होने वाला हैं।
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