औरंगाबाद : सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत रेड क्रॉस सोसाइटी के द्वारा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के तहत शहर में तीन – अलग-अलग जगहों पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें
S
satyam kumar sinhaसंवाददाता, Media Darshan
25 सितंबर 2023, 08:44 PM IST
(25 सितंबर 2023)
अपडेट: 1 अक्टूबर 2026, 08:25 PM IST
चित्र: Media Darshan फ़ोटो / विशेष संवाददाता | प्रतीकात्मक
औरंगाबाद : सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत रेड क्रॉस सोसाइटी के द्वारा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के तहत शहर में तीन – अलग-अलग जगहों पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। शहर के नावाडीह कर्बला परिसर में आयोजित रक्त दान शिविर में कुल 26 लोगों ने रक्त दान किया। धरनीधर बाबा धर्म दस संगत में रक्त दान शिविर में कुल 22 लोगों ने रक्त दान किया। वहीं नगर परिषद कार्यालय में 25 यूनिट ब्लड डोनेशन किया गया। इन तीनों शिविरों में कुल 73 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। रेड क्रॉस के चेयरमैन सतीश कुमार सिंह ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के तहत दस शिविर का आयोजन करना है। बताया गया कि अब तक पांच शिविर आयोजित की जा चुकी है। जिसमें कुल 219 यूनिट रक्त संग्रहित किया जा चुका है।
इस मौके पर रोटरी क्लब के चेयरमैन मरगुब आलम, नगर परिषद के अध्यक्ष उदय गुप्ता, नगर परिषद के उपाध्यक्ष मो. एहसान,पार्षद खुर्शीद अहमद, छोटू चौधरी, मुमताज़ अहमद जुगनू, अतहर हुसैन मंटू, सिकंदर हयात, अमित अखौरी, अखिलेश सिंह कल्लू, अजीत चंद्रा सहित अन्य मौजूद रहे । रेडक्रॉस चेयरमैन ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है इसलिए रक्तदान को महादान कहते हैं, क्योंकि यह दान दूसरों की जिंदगी बचाने के साथ खुद की सेहत दुरुस्त करता है। हर समस्या का कुछ न कुछ विकल्प ढूंढ निकाला गया है। लेकिन ब्लड का कोई विकल्प नहीं है। खून की कमी को केवल ब्लड डोनेशन के द्वारा ही पूरा किया जा सकता है। इसलिए हर सक्षम व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। जब ब्लड बैंक में रक्त होगा, तभी लोगों की जिंदगी भी बचाई जा सकती है। रक्तदान के प्रति लोगों की भ्रातियों को दूर करते हुए कहा कि हमारे शरीर में प्रत्येक चार महीने में नए ब्लड का निर्माण होता है। ऐसे में लोग ये न सोचें कि रक्तदान से शरीर में कोई कमी आ जाती है। उन्होंने कहा कि रक्त की एक-एक बूंद की कीमत होती है। इसका अहसास हमें तब होता है जब आपात स्थिति में इसकी आवश्यकता होती है।