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क्या है ‘ब्लू बुक’ प्रोटोकॉल? राष्ट्रपति के दौरे से जुड़े नियमों को लेकर क्यों उठ रहा है विवाद 

नई दिल्ली। राष्ट्रपति के कार्यक्रमों से जुड़े सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर इन दिनों ‘ब्लू बुक’ प्रोटोकॉल चर्चा में है। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति Droupadi Murmu के हालिया दौरे के दौरान हुई कथित अव्यवस्था के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का वि

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
9 मार्च 2026, 11:47 AM (9 मार्च 2026) 657 व्यूज
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति के कार्यक्रमों से जुड़े सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर इन दिनों ‘ब्लू बुक’ प्रोटोकॉल चर्चा में है। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति Droupadi Murmu के हालिया दौरे के दौरान हुई कथित अव्यवस्था के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि राज्य सरकार ने राष्ट्रपति से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान तय ‘ब्लू बुक प्रोटोकॉल’ का पूरी तरह पालन नहीं किया। इसी के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि आखिर यह ‘ब्लू बुक’ क्या होती है और इसमें कौन-कौन से नियम तय किए जाते हैं।

दरअसल ‘ब्लू बुक’ एक आधिकारिक दिशानिर्देशों का दस्तावेज है, जिसमें राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे गणमान्य व्यक्तियों के दौरे, सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल से जुड़े विस्तृत नियम निर्धारित होते हैं। यह दस्तावेज केंद्र सरकार के सुरक्षा और प्रोटोकॉल विभागों द्वारा तैयार किया जाता है और इसका पालन सभी राज्य सरकारों तथा प्रशासनिक एजेंसियों के लिए अनिवार्य माना जाता है।

ब्लू बुक में यह स्पष्ट रूप से तय किया जाता है कि किसी राज्य में राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के दौरे के दौरान किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था होगी, कौन-कौन अधिकारी मौजूद रहेंगे और कार्यक्रम का क्रम क्या होगा। इसमें स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारियां भी विस्तार से बताई जाती हैं। उदाहरण के तौर पर, राष्ट्रपति के आगमन से पहले पूरे मार्ग की सुरक्षा जांच, कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा घेरा, आपातकालीन मेडिकल व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण जैसी कई अहम व्यवस्थाएं इसी प्रोटोकॉल के तहत तय होती हैं।

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इसके अलावा ब्लू बुक में यह भी निर्धारित किया गया है कि राष्ट्रपति के स्वागत और कार्यक्रमों के दौरान राज्य के कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री मौजूद रहेंगे। आम तौर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहते हैं, ताकि प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित हो सके।

हाल ही में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कुछ कार्यक्रमों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने तय प्रोटोकॉल के अनुसार व्यवस्थाएं नहीं कीं। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की सरकार ने इन आरोपों को सियासी बताते हुए खारिज किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लू बुक का उद्देश्य राष्ट्रपति जैसे उच्च संवैधानिक पदों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए इसके नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी भी तरह की चूक या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है बल्कि संवैधानिक पद की प्रतिष्ठा पर भी सवाल उठ सकते हैं।

फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, लेकिन इस बहस के बीच ‘ब्लू बुक’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है और लोगों में इसके नियमों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

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