सासाराम : टीबी हारेगा देश जीतेगा की थीम पर 2025 तक टीबी बीमारी को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी के तहत रोहतास जिले को भी टीबी मुक्त करने के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र इस अभियान को सफल बनाने की मुहिम में जुटा है। अधिक से अधिक लोगों की जांच करके टीबी से संक्रमित मरीजों को खोजने का काम करके उनका इलाज किया जा रहा है, ताकि टीबी बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके। साथ ही साथ जिले के शहरी क्षेत्रों के अलावा खासकर देहाती क्षेत्रों एवं स्लम बस्तियों, ईंट भट्टा एवं पत्थर उद्योग में काम करने वाले मजदूरों को टीबी के बारे में जागरूक करके उन्हें उचित सलाह दी जा रही है। उनको बताया जा रहा है कि टीबी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाली बीमारी है। इसलिए लोगों को टीबी के लक्षण और इसके इलाज के बारे में भी बताया जा रहा है। वहीं जिला यक्ष्मा केंद्र में भी टीबी की जांच को लेकर लोग स्वयं पहुँच रहे और जांच करवा कर उचित सलाह ले रहे हैं। रोहतास जिले में अभी 1000 के आसपास टीबी से संक्रमित लोगों का इलाज जारी है। साथ ही इलाजरतज लोगों को इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए भी जागृत किया जा रहा है।(सात महीनों में 3410 )
7 महीने में मिले 919 नए टीबी के मरीज-
टीबी को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कैम्प के माध्यम से लोगों का जांच की जा रही है। साथ ही साथ सदर अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे लोगों की टीबी जांच की जा रही है । टीबी केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार रोहतास जिले में पिछले सात महीनों में 3410 लोगों की टीबी जॉच की गई जिसमें 919 लोग टीबी के संदिग्ध मरीज पाए गए। जिला यक्ष्मा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी में कुल 419 लोगों की जांच की गई जिसमें 135 मरीज पाए गए, जबकि फरवरी में 438 में से 116, मार्च में 472 में से 144, अप्रैल में 494 में से 141, मई में 476 में से 168, जून में 607 में से 166 एवं जुलाई में 504 लोगों की जांच की गई जिसमें 49 लोग टीबी के संदिग्ध मरीज पाए गए। वहीं जिले में टीबी के बढ़ते मरीजों को देखते हुए जिला यक्ष्मा केंद्र लोगों को लगातार जागरूक कर रहा है कि दो हफ्ते से अधिक खाँसी बनी रहे तो टीबी की जांच जरूर करवाएं । साथ ही साथ दम फूलना, वजन में कमी आना, भूख न लगना जैसे लक्षण दिखे तो भी एक बार टीबी की जांच करवाने के लिए सलाह दी जा रही है।
जांच व इलाज निःशुल्क–
जिला यक्ष्मा केंद्र के सीडीओ डॉ राकेश कुमार ने बताया कि जिले में अधिकांश लोग चेस्ट टीबी से पीड़ित हैं । जो मुख्यतः टीबी संक्रमित मरीज के संपर्क में आने या उसके द्वारा सड़कों पर थूके गए बलगम से संक्रमण हवा के माध्यम किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से होता है। उन्होंने बताया कि टीबी का कोई भी लक्षण लोगों में दिखाई दे तो उसकी जांच जरूर करवाएं। सीडीओ ने बताया कि जिला यक्ष्मा केंद्र में टीबी बीमारी के लिए सभी जांच निःशुल्क होती है। साथ ही साथ टीबी संक्रमित मरीजों का इलाज भी पूरी तरह से निःशुल्क किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जो लोग टीबी से संक्रमित पाए जाते हैं उन्हें सरकार द्वारा प्रतिमाह 500 रुपये पौष्टिक आहार के लिए दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जब तक उनका इलाज जारी रहेगा तब तक यह सुविधाएं उनको प्रदान होती रहेगी।
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