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नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान: ग्रामीण सड़कों का होगा चौड़ीकरण

पटना। बिहार में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में नीतीश सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत अब राज्य की ग्रामीण सड़कों का होगा चौड़ीकरण। ग्रामीण कार्य मंत्री अशो

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
13 जनवरी 2026, 06:50 AM (13 जनवरी 2026) 571 व्यूज
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पटना। बिहार में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में नीतीश सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत अब राज्य की ग्रामीण सड़कों का होगा चौड़ीकरण। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बनी मौजूदा सड़कों का चरणबद्ध तरीके से चौड़ीकरण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।

फिलहाल राज्य की अधिकांश ग्रामीण सड़कें 3.75 मीटर यानी लगभग 13.5 फीट चौड़ी हैं। नई योजना के तहत इन्हें बढ़ाकर 5.5 मीटर (करीब 18 फीट) तक किया जाएगा। सड़क की चौड़ाई बढ़ने से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही भी आसान हो सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

योजना को जमीन पर उतारने के लिए तकनीकी स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। मंत्री अशोक चौधरी ने जानकारी दी कि 31 मार्च तक अभियंताओं के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से सड़कों का सर्वे कराया जाएगा। 30 जून तक सर्वे का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सर्वे में यह आकलन किया जाएगा कि सड़क के दोनों ओर सरकारी भूमि उपलब्ध है या नहीं।

जहां सरकारी जमीन पर्याप्त नहीं होगी, वहां जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है। आमतौर पर ग्रामीण सड़कों के निर्माण में जमीन अधिग्रहण नहीं किया जाता, लेकिन इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए विभाग सभी विकल्पों पर काम कर रहा है।

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दरअसल, चुनावी दौर में ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार यह शिकायत सामने आ रही थी कि संकरी सड़कों के कारण दुर्घटनाओं और जाम की समस्या बढ़ रही है। साथ ही गांवों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और छोटे उद्योगों के चलते चौड़ी सड़कों की जरूरत महसूस की जा रही थी। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीतीश सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ के तहत यह बड़ा फैसला लिया है, जिससे आने वाले वर्षों में ग्रामीण बिहार की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

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