देशी और क्षेत्रीय खान-पान को बढ़ावा देने के मकसद से पूर्व मध्य रेल की ट्रेनों में यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे खान पान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड यानी आइआरसीटीसी एक खास योजना बना रही है जिसके तहत ट्रेनों में यात्रियों को बिहारी व्यजनों का लुत्फ उठाने का भरपूर मौका मिलेगा। आईआरसीटीसी की इस योजना के तहत यात्रियों को ट्रेन में ना सिर्फ नाश्ते में चूड़ा-दही, लिट्टी-चोखा, घुघनी और मखाने का खीर उपलब्ध कराया जाएगा बल्कि भोजन में भी यात्री अपनी पसंद के मुताबिक मड़ुआ की रोटी से लेकर कोदो सावां सरीखे मोटे अनाजों से बना खाना भी ऑर्डर कर सकेंगे। साथ ही यात्रियों की सेहत का ध्यान रखते हुए यह सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी कि वे चाहें तो यात्रा के दौरान सुगर फ्री वाले स्थानीय मिष्ठान्न का लुत्फ भी उठा पाएंगे। इसका मकसद स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा देना है। इससे किसानों को भी आर्थिक सहयोग मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में ही इस योजना पर अमल आरंभ हो जाएगा।
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आईआरसीटीसी के उच्चपदस्थ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व मध्य रेल की ट्रेनों में खान पान की ऐसी योजना बनाई जा रही है जिसमें यात्रियों को नाश्ते में चूड़ा-दही, लिट्टी-चोखा, घुघनी, मखाना खीर आदि भी मिलेगी। इसमें भी मखाना खीर शूगर व शूगर फ्री दोनों तरह का उपलब्ध रहेगा। इसी प्रकार दोपहर व रात के भोजन में मोटे अनाज यानी रागी, बाजरा, कोदो, ज्वार आदि से बने व्यंजन भी परोसे जायेंगे। अधिकारियों का कहना है कि आइआरसीटीसी ने सैद्धांतिक तौर पर यह फैसला कर लिया है कि बिहार से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को स्थानीय स्तर के लोकप्रिय भोजन व नाश्ता मुहैया कराने की शुरूआत की जाए। योजना में इस बात को भी षामिल किया जा रहा है कि गाड़ी जिस स्टेशन से शुरू होगी, वहां का स्थानीय खाना मेन्यू में अवश्य शामिल किया जायेगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सामानों के दाम, ट्रेनों में उपलब्ध कराने की व्यवस्था, खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता आदि सभी बिंदुओं पर काम शुरू हो गया है। ट्रेनों में खान-पान सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए रेल मंत्रालय सेे मेन्यू में जरूरी बदलाव करने की छूट मिलने के बाद अब प्रयास किया जा रहा है कि क्षेत्रीय व्यंजनों को प्राथमिकता के साथ बढ़ावा मिले। ट्रेनों में शुगर फ्री भोजन की व्यवस्था के लिए मोटे अनाज के व्यंजन परोसे जायेंगे. मोटे अनाज में बाजरा, ज्वार, कोदो, रागी, कंगनी, सामा आदि से तैयार व्यंजन रहेंगे। ये अनाज कई प्रकार की बीमारियों को ठीक करने में सहायक होते हैं।
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