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होर्मुज स्ट्रेट पार करेंगे भारतीय जहाज, ईरान से बातचीत तेज; सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक अहम समुद्री ऑपरेशन पर नजरें टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, अगले 1-2 दिनों में करीब चार भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर सकते हैं। इसके लिए Iran से लगातार बातचीत जारी है और उम्मीद जताई जा रह

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
27 मार्च 2026, 08:03 PM IST (27 मार्च 2026) अपडेट: 5 नवंबर 2026, 12:00 PM IST
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक अहम समुद्री ऑपरेशन पर नजरें टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, अगले 1-2 दिनों में करीब चार भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर सकते हैं। इसके लिए Iran से लगातार बातचीत जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सुरक्षित मार्ग की अनुमति मिल सकती है।

हालांकि यह प्रक्रिया आसान नहीं है। सुरक्षा और कम्युनिकेशन को लेकर कई स्तर पर जटिलताएं सामने आ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, ईरान में निर्णय लेने की प्रक्रिया बहु-स्तरीय है, जिसके कारण अलग-अलग स्तरों पर संवाद करना पड़ रहा है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हर स्तर पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी हो कि गुजरने वाले जहाज भारतीय हैं और उन्हें सुरक्षित रास्ता दिया जाना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पार करना जोखिम भरा हो सकता है। इस क्षेत्र में मिसाइल, ड्रोन या समुद्री हमले की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सिर्फ अनुमति मिलना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि पूरे रास्ते लगातार निगरानी और समन्वय बनाए रखना भी जरूरी है। जहाजों की लोकेशन की रियल टाइम जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाना बेहद अहम माना जा रहा है।

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सूत्रों के अनुसार, किसी जहाज को होर्मुज पार करने में एक से डेढ़ दिन का समय लग सकता है। इसके बाद जब जहाज ओमान की खाड़ी में पहुंचते हैं, तो वहां से भारत आने में करीब तीन दिन और लगते हैं। यानी पूरी यात्रा में कई दिनों तक सतर्कता बनाए रखनी होती है।

इस बीच क्षेत्र में बदलते हालात भी चुनौती बने हुए हैं। अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और संभावित हमलों की आशंका को देखते हुए हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित रूट तय करने से लेकर उसे फॉलो कराने तक हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।

कुल मिलाकर, यह सिर्फ एक समुद्री यात्रा नहीं बल्कि रणनीतिक और कूटनीतिक समन्वय की बड़ी परीक्षा है। भारत की विभिन्न एजेंसियां मिलकर इस मिशन को सुरक्षित तरीके से पूरा करने में जुटी हुई हैं।

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