रविवार, 20 सितंबर 2026 राँची 29°C
सत्य, निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता - देश का विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल
Media Darshan
ब्रेकिंग न्यूज़
बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •   बाल टूटने से हैं परेशान? नारियल तेल में मिलाएं ये 3 चीजें, जानें सही तरीका   •   कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? जानें पूरा सफर   •   2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में एंट्री; ‘सिंघम’ और ‘83’ को छोड़ा पीछे   •   आरा जंक्शन पर बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे; कई ट्रेनें प्रभावित   •  

“सरकारी गाड़ी छोड़ साइकिल पर निकले शेखपुरा के DM, 16 KM की यात्रा बनी चर्चा का विषय”

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2018 बैच के अधिकारी और शेखपुरा के जिलाधिकारी शेखर आनंद अपनी सादगी, अनुशासन और जनसरोकारों के कारण लगातार चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में उन्होंने अपने सरकारी आवास से बरबीघा तक लगभग 16 किलोमीटर की दूरी साइकि

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
5 अगस्त 2026, 03:47 PM (5 अगस्त 2026) 692 व्यूज
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2018 बैच के अधिकारी और शेखपुरा के जिलाधिकारी शेखर आनंद अपनी सादगी, अनुशासन और जनसरोकारों के कारण लगातार चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में उन्होंने अपने सरकारी आवास से बरबीघा तक लगभग 16 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय कर लोगों को स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उनकी इस पहल की लोगों ने सराहना की और इसे प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उनका मानना है कि नियमित साइकिल चलाने से न केवल व्यक्ति स्वस्थ रहता है, बल्कि प्रदूषण भी कम होता है और पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिलता है।

शेखर आनंद को एक सरल, सहज और जनता के बीच रहने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने शेखपुरा जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विकास योजनाओं की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को उन्होंने अपनी कार्यशैली का प्रमुख हिस्सा बनाया है। उनकी पहल से जिले में प्रशासनिक कार्यों में गति आई है और जनता का भरोसा भी मजबूत हुआ है।

11 मार्च 1987 को जन्मे शेखर आनंद ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2018 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान प्राप्त किया। वे बिहार कैडर के अधिकारी हैं और 10 दिसंबर 2025 से शेखपुरा के कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इससे पहले वे बिहार सरकार में निदेशक के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

अपने शांत स्वभाव, ईमानदार कार्यशैली और जनहित के प्रति समर्पण के कारण शेखर आनंद आज बिहार के उन युवा आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने प्रशासन को लोगों के अधिक करीब लाने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

पाठकों की प्रतिक्रियाएं (0)

अपनी राय साझा करें

इस खबर पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली प्रतिक्रिया आप दें!