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कुरुक्षेत्र (हरियाणा) से निकली  गुरु तेग बहादुर यात्रा  पहुंचा सासाराम 

सासाराम : 7 नवंबर से कुरुक्षेत्र (हरियाणा) से निकली  गुरु तेग बहादुर यात्रा  गुरुवार की शाम सासाराम पहुंची। बता दें की कुरुक्षेत्र हरियाणा से 7 नवंबर 2022 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की रथ की एवं पंज प्यारे साहिब की अगवाई में सैकड़ों सिख संगत

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
2 दिसंबर 2022, 03:34 PM (2 दिसंबर 2022) 657 व्यूज
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सासाराम : 7 नवंबर से कुरुक्षेत्र (हरियाणा) से निकली  गुरु तेग बहादुर यात्रा  गुरुवार की शाम सासाराम पहुंची। बता दें की कुरुक्षेत्र हरियाणा से 7 नवंबर 2022 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की रथ की एवं पंज प्यारे साहिब की अगवाई में सैकड़ों सिख संगत अपने-अपने निजी वाहन (बस) द्वारा यात्रा करते हुए एवं श्री गुरु तेग बहादुर साहिब  से संबंधित सभी प्रमुख ऐतिहासिक गुरुद्वारों का दर्शन करते हुए गुरुतेग बहादुर यात्रा जत्था गुरुवार की देर शाम सासाराम स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चाचा फगुमल साहेब की दरबार में पहुंची। उक्त यात्रा को  सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सासाराम ने अपने तमाम जत्थे  एवं लोकल प्रबंधक कमेटी के सेवादारो के साथ टोल टैक्स सासाराम से अगवानी कर नगर कीर्तन के रूप में फोरलेन होते हुए कादीरगंज, सपुलह गंज के मार्ग से गुरुद्वारा साहिब पहुंची, जहां भव्य कीर्तन दरबार का आगाज हुआ।

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जत्था में चल रहे मुखी जत्थेदार सरदार सज्जन सिंघ खालसा  ने कहा कि  यात्रा के पूर्व इन सभी मार्गों के भ्रमण में स्वयं आया था और चाचा फगुमल साहिब में मैं विश्राम भी किया। उन्होंने कहा की यहां के संगत एवं प्रबंधक सेवादारों की सेवा समर्पण को देखकर मुझे संगत के साथ बिहार की धरती पर पहला ऐतिहासिक गुरुद्वारा चाचा फगुमल साहिब जी  का दर्शन करने कराने का मन बनाया और आज गुरु महाराज ने मेरी अरदास को सुनी। आज पूरे हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के चल रहे संगत जत्थे में शामिल हम सब चाचा फगुमल साहिब जी के दर पर नमस्तक हैं।  मौके पर जत्थेदार सर्वजीत सिंघ खालसा ने गुरुद्वारा साहिब के इतिहास को विस्तार से संगत को बताने का काम किया। वही प्रधान सरदार सूचित सिघं, सरदार सुमेर सिंघ ने आए हुए संगत की सेवा अगवानी कर उन्हें सिरपाओ देकर सम्मानित भी किया। मौके पर सजे दिवान में हजूरी रागी जत्था विकास सिंघ एवं  मनदीप कौर,  ज्योती कौर ने गुरुबाणी का गायन कर संगत को निहाल किया। मुख्य ग्रंथि  रंजीत सिंघ ने यात्रा में आए हुए सभी संगत के लोगों का आगे की यात्रा निर्विघ्न संपन्न हो की अरदास भी किया। मौके पर सरदार मंजीत सिंह, सरदार हरगोविंद सिंह, सरदार चरणजीत सिंघ, सरदार मोहित सिंघ, सरदार जामवंत सिंघ, सरदार त्रिलोक सिंघ, सरदार धर्मेंद्र सिंघ, सरदार कमलजीत सिंघ,  पूर्णिमा कौर, रंजना कौर, हरमीत कौर, शीला कौर, अनीता कौर, सुनीता कौर, भारती कौर, पूजा कौर, कविता कौर, गुरमुख सिंह, भोला सिंह, गुरदीप सिंह, पंकज सिंह, कमलजीत सिंह, सतनारायण सिंह, गुरजीत सिंह, हैपी सिंघ, अशोक सिंघ।

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