आरा:-भोजपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मंत्रियों,प्रदेश व राष्ट्रीय नेताओं के दौरे और पार्टी के सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमो का हाल के वर्षों में बेहतरीन मीडिया मैनेजमेंट कर पार्टी को नई ताकत देने वाले भोजपुर के जिला प्रवक्ता डॉ. सुरेन्द्र सागर पिछले कुछ महीनों से प्रदेश भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनन्द मोहन के विरुद्ध दिए गए बयानों से आहत हैं और उनके आहत होने के कारण पार्टी के मीडिया प्रबन्धन पर व्यापक प्रतिकूल असर पड़ा है।
भाजपा के जिला प्रवक्ता डॉ. सुरेन्द्र सागर अपने सांगठनिक कार्यकाल के दौरान मीडिया मैनेजमेंट को लेकर काफी सक्रिय रहे और पिछले विधानसभा चुनावों के समय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई राष्ट्रीय नेताओं के चुनावी सभाओं की न सिर्फ बेहतरीन खबरें प्रकाशित कराने में अहम भूमिका निभाई बल्कि अपने बेहतर और शानदार मीडिया मैनेजमेंट के दम पर इन नेताओं के संदेशों को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से गांव गांव तक जन जन तक पहुंचाने में वे कामयाब भी रहे।उन्होंने गत विधानसभा चुनाव में जिला प्रवक्ता के दायित्व को जिले की सातों विधानसभाओं में एकसाथ पूरा करने के साथ साथ दो विधानसभाओं आरा और बड़हरा में अपने समर्थकों की बड़ी जमात को भाजपा के पक्ष में गोलबंद कर मतों के ध्रुवीकरण करने और जीत दिलवाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।समय समय पर भाजपा के जिला कार्यसमिति,प्रशिक्षण शिविर और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमो की शानदार और बेहतर मीडिया मैनेजमेंट कर पार्टी की खबरों को धार देने वाले जिला प्रवक्ता बिहार भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा सहरसा जेल में बन्द पूर्व सांसद आनन्द मोहन के विरुद्ध कुछ माह पूर्व दिए गए विरोधी बयानों से आहत हैं और तभी से उन्होंने भोजपुर में भाजपा के कार्यक्रमो से अपने आपको किनारे कर लिया है।वे भाजपा के ऐसे नेताओं के दिये गए गैर जिम्मेदाराना बयान पर दुःख जताते हैं।उनका मानना है कि भाजपा को बिहार में फर्श से अर्श पर पहुंचाने में पूर्व सांसद आनन्द मोहन की बड़ी भूमिका है।वे भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी,राजनाथ सिंह और प्रमोद महाजन के काफी करीब रहे हैं और लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की केंद्र में सरकार बचाने के लिए उन्होंने अपने साथ साथ आधा दर्जन सांसदों के साथ अटल जी का समर्थन किया था और पक्ष और विपक्ष की संख्या बल को बराबर बराबर पर लाकर खड़ा कर दिया था।ऐसी स्थिति में लोकसभा अध्यक्ष का मतदान सरकार को बचाने या सरकार को गिराने में अहम रोल निभाता।तब एनडीए के जीएमसी बालयोगी का मतदान अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बचाने में निर्णायक होता।
उद्योग विभाग के द्वारा एक दिवसीय शिविर का हुआ आयोजन
उस समय मुख्यमन्त्री रहते गिरिधर गोमांग का गलत मतदान नही हुआ रहता तो लोकसभा अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी के मतदान से अकेले आनन्द मोहन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बचाने का इतिहास रच देते।
आनन्द मोहन की पार्टी बिहार पीपुल्स पार्टी तब बिहार में एनडीए का हिस्सा थी और एनडीए की बैठक में तब बिहार से उनके अलावा समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जार्ज फर्नांडिस शामिल होते थे।
ऐसे आनन्द मोहन के विरुद्ध भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा किये गए बयानबाजी से भाजपा के जिला प्रवक्ता आहत तो आहत हैं हीं साथ ही ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयानों से भाजपा के मतदाताओं के एक बड़े वोट बैंक पर भी इसका असर पड़ा है।
भाजपा के जिला प्रवक्ता की इनदिनों पार्टी के कार्यक्रमो में हिस्सा नही लेने और मीडिया मैनेजमेंट से अपने आपको किनारे कर लेने का असर भी पार्टी के भीतर दिखने लगा है।