शहरी गरीब पशु पालकों की स्थिति हुई खराब

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लॉक डाउन के कारण चारा एवं खरी चोकर हुआ महंगा
सासाराम। विश्वव्यापी महामारी कोरोना के कारण लॉक डाउन पार्ट दो  में शहरी गरीब पशुपालकों की स्थिति खराब हो चली है।इस दौरान पन्द्रह किलो चार का दाम एक सौ पचास रुपये से लेकर दो सौ रुपए तक हो गया है। सासाराम के फजलगंज मुहल्ला के पशुपालक रामेश्वर ठाकुर ने कहा कि अभी की स्थिति में तो जैसे तैसे परिवार का पालन पोषण तो कर लिया जा रहा है परंतु पशुओं का पालन करना मुश्किल होता जा रहा है। मैं स्थानीय प्रशासन से निवेदन करता हूँ कि इस विषम परिस्थिति में जिस प्रकार प्रशासन , समाजसेवी गरीब व्यक्तियों के लिये राशन की व्यवस्था कर दे रहे हैं, ठीक उसी प्रकार पशुओं के लिए भी स्थानीय वार्ड पार्षद या कृषि विभाग के अधिकारी प्रत्येक मुहल्ला के गरीब पशुपालकों को चिन्हित कर के उन्हें भी चारा, खरी एवं चोकर की व्यवस्था सुनिश्चित करा देते तो पशुओं, गोधन को बचाया जा सकता है । गरीब पशुपालक का एक मात्र जीविका यही है, अगर इन गोधन, पशुओं को कुछ हो जाता है तो ऐसे परिवार की आर्थिक स्थिति और भयावह हो सकती है। मैं मीडिया के माध्यम से सरकार एवं समजसेवी का ध्यान इस विषम समस्या की तरफ आकृष्ट करा रहा हूँ ताकि जल्द से जल्द मेरे जैसे अन्य पशुपालकों का गौ वंश की रक्षा हो सके।

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